अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
गांव मिर्जापुर बाछौद स्थित हवाई पट्टी के दिन बहुरने वाले हैं। यदि सरकार के नुमाइंदे इस ओर ध्यान दें तो इसे बड़ा कार्गो हवाई अड्डा भी बनाया जा सकता है। फिलहाल सरकार ने इसके विस्तार की योजना बनाई है। इसके तहत प्रशासन ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है और बाछौद के आसपास मिर्जापुर व भीलवाड़ा गांवों की जमीन की भी तलाश की। वहीं, प्रशासन ने इसके लिए दस दिन रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है। जल्द ही इसका विस्तार कार्य शुरू किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल इसका एरिया तीन हजार फुट है, जिसे बढ़ाकर सरकार पांच हजार फुट करना चाहती है। इससे यहां एक छोटा कार्गो (मालवाहक) हवाई अड्डा बन सकता है।
45 साल पहले किया गया था निर्माण
नागरिक उड्डयन विभाग हरियाणा द्वारा करीब 45 साल पूर्व नारनौल से दस किलोमीटर दूर बाछौद गांव में हवाई पट्टी का निर्माण किया गया था। निर्माण के बाद से 2010 तक इस हवाई पट्टी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे पूर्व तक यहां केवल वीआईपी आने पर विमान उतरते थे। इसके कारण इसका समुचित उपयोग नहीं हो पाया। साल 2010 में यहां पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के सहयोग से एयरो स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना की गई। जिसके बाद यहां की हालत में कुछ सुधार हुआ, मगर अब यहां फिर से एयरो स्पोर्ट्स सेंटर पर गतिविधियां बंद हो गई हैं। यह हवाई पट्टी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और जयपुर हवाई अड्डे के बीच स्थित है। राजस्थान के अलवर व झुंझुनूं जिला में जाने के लिए सीएम व मंत्री भी इसी पट्टी का प्रयोग करते हैं।
काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है यह हवाई पट्टी
इस हवाई पट्टी की तरफ अगर ध्यान दिया जाए तो यह काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सड़क मार्ग से यह हवाई पट्टी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सरकार यदि इसकी तरफ ध्यान दे तो यह न केवल सिविल एविएशन, बल्कि व्यावसायिक व सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। केंद्र सरकार का भी पिछले कई सालों से दिल्ली के नजदीक एक व्यावसायिक हवाई पट्टी बनाने का प्रस्ताव है। इसको देखते हुए यह हवाई पट्टी सबसे उपयुक्त साबित हो सकती है।
55 एकड़ में फैली है यह हवाई पट्टी
गांव बाछौद स्थित हवाई पट्टी 55 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इसके आसपास करीब 100 एकड़ जमीन खाली पड़ी है, जो सिविल एविएशन हरियाणा की है। यहां पर बनी हवाई पट्टी की लंबाई करीब दो किलोमीटर है। इस पर एक बार में पांच चार्टर विमान उतारे जा सकते हैं। आपात स्थिति में फिलहाल यहां कोई एक बड़ा विमान भी उतारा जा सकता है। फिलहाल यहां पर एयरो स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के विमानों के अलावा रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ जिले में होने कार्यक्रमों में आने वाले वीआईपी के विमान उतरते और उड़ान भरते हैं।
फिलहाल ये हैं सुविधाएं
सिविल एविएशन चंडीगढ़ द्वारा संचालित इस हवाई पट्टी की देखरेख के लिए यहां पर एक चौकीदार की ड्यूटी भी लगाई गई है। यहां पर नागरिक उड्डयन विभाग चंडीगढ़ की ओर से एक गेस्ट हाउस भी बनाया गया है। जहां पर एक वीआईपी रूम, एक हाल, एक रसोई घर, गाड़ी पार्किंग की सुविधा के अलावा दो शौचालय व दो स्नानघर व पानी की पूरी व्यवस्था है।
कोहरे के समय हो सकती है काफी उपयोगी
नारनौल में दिल्ली के मुकाबले कम कोहरा पड़ता है। अगर नारनौल स्थित हवाई पट्टी को विकसित किया जाए तो धूंध के मौसम में यह काफी उपयोगी साबित हो सकती है। यहां पर व्यवसायिक एयरपोर्ट बनाकर दिल्ली एयरपोर्ट के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को भी कम किया जा सकता है। यह हवाई पट्टी यातायात की दृष्टि से भी काफी सही जगह पर है। यहां से मात्र दस किलोमीटर दूर नारनौल और चार किलोमीटर दूर अटेली कस्बा है। जो हवाई पट्टी को स्टेट हाईवे से जोड़ता है। वहीं, रेल के मामले में हवाई पट्टी के पास ही मिर्जापुर बाछौद स्टेशन भी है। नवंबर 2011 में आयोजित एक कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यहां पर एयरो स्पोर्ट्स के शुभारंभ पर कहा था कि इस हवाई पट्टी से राजस्थान के नीमराना के पास से नेशनल हाइवे को जोड़ा जाएगा। यदि उक्त नेशनल हाइवे से हवाई पट्टी को जोड़ दिया जाए तो यहां पर आना बहुत ही सुगम हो जाएगा।
हवाई पट्टी को मिला है राष्ट्रीय एयरो स्पोर्ट्स सेंटर का दर्जा
नवंबर 2010 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बाछौद हवाई पट्टी को एयरो स्पोर्ट्स सेंटर का दर्जा दिया था। इसके बाद यहां के स्थानीय युवाओं को उड़ने का मौका मिला। वहीं, लड़कियों ने भी सेशन हवाई जहाज में उड़ान भरी। इसके बाद दो बार यहां के बच्चे फ्री में हवाई करतब देख पाए। जिससे लोगों को लगने लगा था कि यह जगह अब विकसित हो जाएगी, मगर दो साल कार्यक्रम होने के बाद यहां पर खेल गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।
पूर्व सीएम और सांसद उठा चुके हैं पट्टी के विकास की मांग
यूपीए सरकार के समय सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा केंद्र सरकार से इस हवाई पट्ट को कार्गो एयरपोर्ट में डेवलप करने की मांग उठा चुके हैं। मगर इस मांग की ओर बाद में ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। इसके कारण यह मांग केवल मांग ही होकर रह गई।
वर्जन
सरकार की ओर से पूछा गया था कि इसका विस्तार किया जा सकता है या नहीं और इसके विस्तार के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है या नहीं। 10 दिन पहले अपनी ओर से रिपोर्ट तैयार कर भेज दी है। जिसमें लिखा गया है कि बाछौद हवाई पट्टी का विस्तार किया जा सकता है और इसके लिए पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध है।
- डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त, नारनौल
वर्जन
सरकार बाछौद हवाई पट्टी के विस्तार के लिए प्रयास कर रही है। इस हवाई पट्टी का जल्द ही विस्तार किया जाएगा। इसके बाद यहां पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकेंगे।
- संतोष यादव, डिप्टी स्पीकर और विधायक अटेली।