अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
आईएएस टारगेट नहीं है। यह मेरे टारगेट का प्रथम स्टैप है। मेरा मकसद आईएएस के बाद देश सेवा करना है। गरीब लोगों का सहयोग करना है। जिन लोगों को सरकार की योजनाओं का फायदा नहीं मिल पाता उनको फायदा पहुंचना है। यह कहना है संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में देशभर में पांचवां रैंक प्राप्त करने वाले महेंद्रगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी प्रथम कौशिक का। उन्होंने बताया कि अपने प्रदर्शन से वह बहुत खुश हैं और अच्छा परफार्म कर माता पिता का सपना साकार किया। प्रथम ने बताया कि पिता से उन्हें प्रेरणा मिली है। पिता ने स्वयं कई सरकारी नौकरी छोड़कर एचसीएस बने थे। आज वो कैथल में उप आबकारी एवं कराधान कमिश्नर के रूप में कार्य कर हैं।
आपको बता दें कि प्रथम कौशिक आईएएस में सफलता प्राप्त करने के बाद शनिवार को दिल्ली से अपने घर आए थे। उनके आने से पहले ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुुआ था। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने घर जाकर, सोशल मीडिया पर प्रथम कौशिक को जमकर बधाईयां दी। मम्मी राजबाला ने कहा कि पूरा यकीन था उनका बेटी आईएएस बनेगा। आज उसने वह कर दिखाया जिसका हर मां बाप सपना देखते हैं। ऐसे बेटा हर घर में जन्म ले तो समस्त समाज शिक्षित हो जाएगा।
त्योहार पर भी घर नहीं आता था प्रथम
पापा नरेंद्र कौशिक ने बताया कि 2015 में बीटेक करने के बाद एक कंपनी से उसे 10 लाख रुपये का पैकेज मिल रहा था। किंतु उन्होंने यह पैकेज ठुकरा दिया। इसके बाद सीजीएल में अच्छे रैंक प्राप्त किया था और मन चाही पोस्ट एक्साइज एवं टैक्सेशन इंस्पेक्टर की मिल रही थी। किंतु उसको भी ठुकरा दिया। घर में बैठकर सभी ने सामूहिक फैसला लिया कि वह आईएएस के काबिल है और वह बन सकता है। उसके बाद उसने तैयारी शुरू कर दी। उसके बाद आईएएस का ट्रायल के रूप में पहला टेस्ट दिया जिसमें सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद लगातार प्रथम ने कड़ी मेहनत की। होली एवं दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर भी वह घर नहीं आता था बल्कि उन्हें ही दिल्ली बुला लेता था। अंत में उन्होंने कहा जिस तरह से प्रथम अभी तक उम्मीद पर खरा उतरा है। उम्मीद है कि नौकरी के दौरान भी वह पॉजिटिव रिस्पांस देगा।
सॉलिड प्रश्न का दिया, सॉलिड जवाब
पापा नरेंद्र कौशिक ने बताया कि इंटरव्यू देने के बाद प्रथम काफी चिंतित था। उसने बताया कि इंटरव्यू में उससे पूछा गया कि इंडिया को आईडल कंट्री बनाने के लिए चार स्टैप कौन से उठाने चाहिए? इस पर प्रथम ने पहले स्टैप के रूप में शिक्षा को बताया। शिक्षा पर बजट तो होता है किंतु उसका सही मैनेज नहीं हो पा रहा। दूसरा स्टैप स्वास्थ्य बताया। यूथ की बेरोजगारी दूर करने के लिए देश का औद्योगीकरण बढ़ाना चाहिए। अगर उद्योग बढ़ेंगे तो युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे तथा चौथा देश की विदेश नीति का बताया। उन्होंने बताया कि देश की विदेश नीति ऐसी होनी चाहिए कि दो देशों के मन मुटाव को दूर करवाने के लिए हमारा देश मध्यस्थता करे। इसे देश के संबंध दोनों ही देशों से प्रगाढ़ होंगे।
शिक्षित है पूरा परिवार:
आईएएस प्रथम का पूरा परिवार शिक्षित परिवार है। उनके पिता नरेंद्र कौशिक उप आबकारी एवं कराधान कमिश्नर हैं। माता राजबाला ज्योग्राफी की लेक्चरर हैं। उनकी छोटी बहन विशेष भी आईएएस की तैयारी में जुटी हुई है। शिक्षित परिवार को उन्हें पूरा लाभ मिला। मम्मी पापा ने हमेशा उनको मोटिवेट कर उनके अंदर नई ऊर्जा का संचार किया। कभी भी उनको किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी।
इंटरनेट की बजाया किताबों पर दिया ध्यान:
आईएएस प्रथम कौशिक ने बताया कि कभी उनका स्टडी टाइम नहीं रहा है। बल्कि हमेशा यह देखा कि इतने समय में उन्हें इस टॉपिक को पूरा करना है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी का सिलेबस बहुत बड़ा होता है। इसलिए वो सिलेबस को टुकड़ों में बांट कर ही पढ़ाई करते थे। वो इंटरनेट की बजाय किताबों पर ही फोकस रखते थे। अगर कोई टॉपिक स्पष्ट नहीं होता तो इंटरनेट का सहारा लेते थे। इसके अलावा अखबार भी ज्यादा से ज्यादा पढ़ते थे।