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जल संकट

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पेयजल आपूर्ति कम होने से छह कालोनियों के लोग परेशान
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महेंद्रगढ़। शहर की छह ऐसी कॉलोनियां ऐसी हैं जहां पानी आपूर्ति से काफी कम पहुंच रहा है। बूस्टर से कॉलोनी की दूरी अधिक होने के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा। विभाग इन कॉलोनियों की पानी की समस्या दूर करने के लिए अलग-अलग स्थान पर तीन बूस्टर लगाने का प्रयास कर रहा है किंतु अभी तक विभाग को उपलब्ध नहीं हो पाई है। यहां के लोग खरीदकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। पानी का स्तर नीचे चले जाने के कारण तीन बोर फेल हो गए। जबकि नहर आने का समय भी 15 से बढ़ाकर 24 दिन कर दिया है। अब जितना पानी एक महीने में मिलता था अब उतना ही पानी 39 दिन में मिलेगा। आखिरी बार नहर 1 मार्च को चलकर 16 मार्च को बंद हुई है। अब 11 अप्रैल का नहर आने की संभावना है।
इन कॉलोनियों में हैं परेशानी:
शहर में पानी की दिक्कत मोदीपुरम कॉलोनी, राम विहार कॉलोनी, कुराहवटा रोड़, शिव कॉलोनी, गंगा देवी आंखों के अस्पताल के पास बनी कॉलोनी में पानी की सबसे अधिक समस्या है। इन कॉलोनियों में बहुत कम पानी आ रहा है। बूस्टर से कॉलोनी की दूरी अधिक होने तथा लोगों द्वारा मोटर चलाने के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा। गर्मी बढ़ने के साथ शहर में पानी की खपत बढ़ जाएगी जिससे कॉलोनीवासियों के लिए पानी की समस्या बढ़ सकती है।
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15 की बजाय 24 दिन में आएगी नहर:
मरु भूमि में बसे महेंद्रगढ़ जिले का पानी बिल्कुल सूख चुका है। इसलिए पूरा जिला नहरी पानी पर ही निर्भर है। जैैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी वैसे ही पानी की खपत भी बढ़ेगी। इस समय सिंचाई विभाग को नहरी पानी दस दिन में देना चाहिए था किंतु इसका समय 15 से बढ़ाकर 24 दिन कर दिया है। 9 दिन नहर देरी से आने पर प्रतिदिन 30 लाख लीटर पानी का कम मिलेगा। पूरे 9 दिन में 2 करोड़ 70 लाख लीटर पानी कम मिलेगा। यानी शहर को अब देवास जलघर पर आस रहेगी।
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पिछले वर्ष एक महीने में दस दिन आती थी नहर
पिछले वर्ष नहरी पानी के हालात ज्यादा अच्छे नहीं थे। नहरी पानी एक-एक महीने में मात्र दस दिन ही चलता था। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की कमी को देखते हुए सप्लाई का समय एक घंटे की बजाया 40 मिनट किया। उसके बाद भी नहर नहीं आई तो एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जाने लगा। कई मोहल्लेवासियों ने तो पानी के लिए प्रदर्शन भी किया था। अगर इस बार हालात वैसे हुए तो लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।

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बूस्टर के लिए एस्टिमेट बनाकर भेजा, जगह पर सस्पेंस
इन सभी कॉलोनियों में लगभग एक हजार लोग रह रहे हैं। संबंधित विभाग ने पानी की समस्या का दुरुस्त करने के लिए एक तीन बूस्टर लगाया जिनका 2 करोड़ रुपये का एस्टिमेट बनाकर भेज दिया गया है। विभाग ने गोशाला रोड़ स्थित पशु अस्पताल, बिजली बोर्ड कुराहवट रोड़ और गांव पाएगा के सामने बूस्टर लगाने के स्थान चिह्नित किए हैं किंतु अभी तक विभाग को पाएगा गांव की पंचायत ने ही प्रस्ताव पास कर दिया है। किंतु शेष दो स्थानों पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।
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तीन बोरवैल सूखे, दो में पानी हुआ कम:
शहर में डाइट, मोदाश्रम और सैनीपुरा मोहल्ले के बोरवैल सूख गए हैं। ये तीनों बोरवेल काफी पुराने थे जो फरवरी माह में जवाब दे चुके हैं। इसके अलावा पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित अधीरा बोरवैल तथा कॉलेज के पास स्थित बोरवैल में पानी बिल्कुल कम हो गया है। अधीरा बोरवैल पर मात्र आधा घंटा मोटर चल पाती है जबकि कॉलेज के पास स्थित बोरवैल का डिस्चार्ज खत्म हो गया। इन बोरवेलों से जुड़े मोहल्लों का दूसरे जगह से जोड़ा गया है। किंतु इन मोहल्लों को जहां से जोड़ा गया है उनमें पहले ही पानी बहुत कम है। शहर कोकाबंगड़ी, कुम्हारान, सैनीपुरा, शिव कॉलोनी आदि कुछ मोहल्ले थे जिनको बोरवैल का पानी मिलता था। अब उनका कुओं का पानी लगभग बंद हो गया है। अब पूरा शहर नहर पर आधारित है।
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तीन अलग-अलग स्थानों पर बूस्टर स्थापित किए जाने को लेकर एस्टिमेट बनाकर भेजा हुआ है। नहरी पानी 15 दिन की बजाय 24 दिन में आएगा। जिन मोहल्लों में पानी की दिक्कत होगी वहां पर विभाग टैंकरों से पानी सप्लाई करेगा।-एसडीओ प्रदीप यादव।

मैं 7 वर्ष से शक्ति कॉलोनी में रह रहा हूं। तभी से हम पानी को लेकर परेशान हैं। पानी की समस्या को लेकर जिला उपायुक्त तक शिकायत दी जा चुकी है किंतु अभी तक इस संदर्भ में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमें किराये पर पानी लेकर पीना पड़ रहा है।
-कैप्टन फकीर चंद
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पिछले डेढ़ वर्ष पहले कॉलोनी में पेयजल की लाइन डाल दी थी। किंतु अभी तक मुख्य लाइन से कनेक्शन नहीं किया गया। सबसे अधिक समस्या गर्मियों में होती है। अभी वो कुओं से पानी 150 रुपये प्रति माह के हिसाब से लेना पड़ रहा है। इसके अलावा महीने में प्रत्येक घर को दो टैंकर डलवाने पड़ते हैं। -बलवान सिंह।
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कॉलोनी पानी की समस्या एक जायज समस्या है। कॉलोनी के लोग शिक्षामंत्री एवं नपा चेयरपर्सन के बाद कई बार जा चुके हैं। किंतु हर बार झूठा आश्वासन मिलता है। अभी कुओं से पानी ले रहे हैं। पानी की कमी होने पर प्रार्थना कर पानी खुलवाना पड़ता है। -राजबीर लांबा।
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मैं फ्रेंडस कॉलोनी में रहती हूं। कॉलोनी में पानी की समस्या काफी गंभीर है। मात्र 20 से 25 मिनट की सप्लाई होती है। कई बार तो दो-दो दिन में पानी आता है। अभी कॉलोनी वासी कुओं से पानी लेकर काम चला रहे हैं। संबंधित विभाग को भी इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है किंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही।
सरला देवी
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