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प्रदूषण विभाग की टीम ने मौखूता बामणवास नदी में किया निरीक्षण, दो वाशिंग प्लांट चालू मिले

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मौखूता बामणवास नदी में निरीक्षण, दो वाशिंग प्लांट चालू मिले
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। प्रदूषण विभाग की टीम ने शनिवार शाम को मौखूता बामणवास नदी में निरीक्षण किया। वहां टीम को दो वाशिंग प्लांट चालू मिले। परंतु संचालक ने राजस्थान सीमा का विवाद उछालकर टीम को गुमराह कर दिया। इसके बाद सात अन्य प्लांटों की सील चेक करके अधिकारी लौट गए।
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गौरतलब है कि निजामपुर, नांगल चौधरी ब्लॉक डार्क जोन में शामिल हैं। इसमें अनावश्यक जल दोहन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। नियमानुसार कृषि बोरवेल व बिजली कनेक्शन भी नहीं मिल सकता है, जबकि मौखूता बामणवास की नदी में वाशिंग प्लांट धड़ल्ले से चल रहे हैं। पिछले दिनों जिले में सीएम का कार्यक्रम होने के कारण 11 नवंबर की रात सात प्लांटों पर सील लगाई गई थी। कार्रवाई के दौरान दो प्लांटों को जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया गया। शिकायत मिलने पर शनिवार शाम प्रदूषण विभाग के एसडीओ हरीश कुमार नदी में पहुंचे। वहां उसे दो प्लांट बजरी को वाशिंग करते हुए मिले। पूछताछ करने पर संचालकों ने उक्त जगह राजस्थान में करार दिया। इसके बाद अफसरों ने वापस कदम खींच लिए। ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान में भी बजरी वाशिंग प्लांटों पर रोक लगी हुई है। संबंधित प्लांट संचालक राजस्थान के अधिकारियों को हरियाणा की सीमा बताकर कार्रवाई नहीं होने देते। अब हरियाणा की टीम को भी उलझा लिया। पिछले साल बामणवास पंचायत ने खनन क्षेत्र की पैमाइश कराई थी। इसकी निशानदेही में दोनों प्लांट हरियाणा में हैं। अब संचालकों ने पत्थरों को उखाड़ दिया, जिस कारण सीमा विवाद गहरा गया। उन्होंने जिला उपायुक्त से दोनों प्लांट तुरंत बंद कराने की गुहार लगाई है। ताकि गिरते भूजल स्तर पर अंकुश लग सके। इस बोर में प्रदूषण विभाग के एसडीओ से संपर्क करने के प्रयास किए गए। लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की, इसके बाद मोबाइल को स्विच बंद कर लिया।
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