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न्यायालय में हिंदी का प्रयोग करने के लिए सौंपा ज्ञापन

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न्यायालय में हिंदी का प्रयोग करने के लिए सौंपा ज्ञापन
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला अधिवक्ता संघ ने एक कार्यक्रम में हिंदी दिवस पर न्यायालयों में हिंदी भाषा के प्रयोग के लिए एक ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ के लिए भेजा है।
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कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना चौधरी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह, सुधीर परमार, अनिल कुमार, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड अमित गर्ग, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मधुलिका, न्यायिक दंडाधिकारी अपर्णा भारद्वाज, मधुर बजाज, सुयशा जावा, निमित सोहेल, निधि बेनिवाल, जिला उपभोक्ता संरक्षण फोर्म के अध्यक्ष अशोक कुमार गर्ग, सदस्य उषा यादव, नंदवानी उपस्थित थे। यह ज्ञापन जिला अधिवक्ता संघ के प्रधान मनीष वशिष्ठ की अगुवाई में दिया गया। एक ज्ञापन प्रशासनिक स्तर पर उपायुक्त की अनुपस्थिति में जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल को भेजा गया। अधिवक्ता मनीष वशिष्ठ ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भाषा ही अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण साधन है। किसी भी देश की सभ्यता एवं संस्कृति को सुदृढ़ करने का आधार उसकी भाषा है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता के नाते वे अदालतों में देखते हैं कि मुवकिलों या अभियुक्तों को पता ही नहीं होता है कि उनके केस में क्या हो रहा है। इसके पीछे भाषा की समस्या है। इसके लिए उन्होंने अभियान छेड़ा है कि कम से कम हिंदी भाषी राज्यों में अदालतों में कार्य हिंदी में हो। इससे लोगों को पता चल सके कि वे किस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। जिला राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के अवसर पर अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला, प्रेम कुमार शर्मा, लक्ष्मी नारायण, धर्मबीर गुलावला, नितिन महता आदि उपस्थित थे।
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