जीएसटी की साइट धीमी व्यापारी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जीएसटी की साइड धीमी चलने के कारण व्यापारियों को जीएसटी फाइल करने में परेशानी आ रही है। इस समय देश के सभी व्यापारी एक साथ जीएसटी फाइल रिटर्न कर रहे हैं इससे साइट पर लोड बढ़ गया है और साइट बिजी हो गई है। हालांकि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 20 अगस्त से बढ़ाकर 25 अगस्त कर दी है लेकिन लोड आज भी बरकरार है। अगर व्यापारी समय पर टैक्स पे नहीं करेंगे तो इसके बाद प्रतिदिन 200 रुपये प्रतिदिन पेनल्टी का भी प्रावधान है।
व्यापारियों का कहना है कि उन्हें टैक्स भरने में कोई आपत्ति नहीं है। उनका केवल इतना ही कहना है कि सालाना 37 बार फाइल रिटर्न करने की बजाय चार बार ही टैक्स फाइल करवाई जानी चाहिए। इससे व्यापारियों को सुविधा रहेगी तथा काम भी बाधित नहीं होगा। महेंद्रगढ़ जिले में लगभग चार हजार व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकरण करवाया हुआ है। उनमें से 550 व्यापारी 20 लाख रुपये से कम सालाना टर्न ओवर की कैटेगरी में आते है। इन व्यापारियों को जीएसटी व्यवस्था में छूट दी गई है। लगभग 500 व्यापारी ऐसे हैं जिनका सालाना टर्न ओवर 75 लाख रुपये से अधिक है।
25 अगस्त है जीएसटी रिटर्न की आखिरी तारीख:
सरकार ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख पांच दिन और बढ़ा कर 25 अगस्त कर दी है। साइट व्यस्त होने एवं टेक्निकल दिक्कतों को देखते हुए अंतिम तारीख आगे बढ़ाई गई है। अधिकारियों के अनुसार अगर व्यापारी निर्धारित समय पर टैक्स नहीं भरते हैं तो प्रतिदिन 200 रुपये पेनल्टी तथा अधिक से अधिक पांच हजार रुपये पेनल्टी का प्रावधान रखा गया है।
जानें, कारोबारियों पर होगा क्या असर?
-20 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी की व्यवस्था से छूट दी गई है। अब तक यह छूट 10 लाख तक ही सीमित थी।
-75 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले ट्रेडर्स, मेन्युफैक्चरर्स और रेस्तरां कंपोजिशन स्कीम के तहत क्रमश: 1, 2 और 5 पर्सेंट अदा कर सकते हैं। हालांकि इन बिजनस को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल सकेगा।
- 75 लाख रुपये से ऊपर कारोबारियों को हर महीने तीन रिटर्न भरने होंगे। इनमें से दो ऑटोमैटिक होंगे। जबकि सालाना 37 रिटर्न भरने पड़ेंगे।
थ्री बी सिस्टम लागू:
जिला निरीक्षक सुरेंद्र जांगिड़ ने बताया कि केंद्र सरकार ने व्यापारियों के लिए जीएसटी के तहत ही थ्री बी सिस्टम लागू कर दिया है। इस सिस्टम के तहत व्यापारियों को बताना होगा कि एक महीने के अंदर उन्हें कितना सामान खरीदा, कितना बेचा तथा कितना लाभ हुआ है। इसके अंतर्गत सरकार ने दो कैटेगरी जीएसटी-1 और जीएसटी-2 बनाई है। जीएसटी 1 के अंतर्गत माल खरीदना और जीएसटी 2 माल बेचना आता है। जीएसटी-1 की अंतिम तारीख 5 सितंबर है जिसमें व्यापारियों को यह दिखाना होगा कि उन्हें जुलाई माह में कुल कितना माल खरीदा है। जीएसटी 2 की अंतिम तारीख 8 सितंबर है जिसमें यह दिखाना होगा कि जुलाई माह में व्यापारी ने कितना माल बेचा है। केंद्र सरकार ने जीएसटी 1 और जीएसटी 2 की अंतिम तारीख हर महीने की 10 और 15 तारीख घोषित की गई है। जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद तकनीकी कारणों से इनकी तारीख 5 सितंबर और 8 सितंबर बढ़ा दी गई थी।
जीएसटी भरने में हमें कोई परेशानी नहीं आ रही, सभी काम ऑनलाइन है इसलिए रिटर्न आराम से भरा जा रहा है। इस समय साइट अवश्य धीमी चल रही है जिससे जरूर थोड़ी परेशानी हुई है।
-नरेंद्र मेहता, कपड़ा व्यापारी।
सरकार ने कपड़ों पर 5 प्रतिशत टैक्स लगा दिया। हमें टैक्स भरने में भी हमें कोई आपत्ति नहीं है किंतु दसवें दिन टैक्स भरना हमारी बस की बात नहीं है। इसलिए सरकार से हम क्वार्टरली करवाने की मांग करते हैं।
-दीपक तायल, सूट एवं साड़ी व्यापारी।
टैक्स के लिए साइट स्लो हो रखी है। कई बार प्रयास कर चुके हैं साइट खुल नहीं रही। कई बार प्रयास किए जा चुके हैं अब सरकार ने तारीख बढ़ा दी अब कोई दिक्कत नहीं है। वैसे सरकार को जीएसटी टैक्स रिटर्न का सरलीकरण करना चाहिए।
-नवीन मित्तल, संतोष ट्रेडिंग कंपनी।
साइट अवश्य स्लो चल रही है। टैक्स भरने में कोई दिक्कत नहीं हो रही। अब सरकार ने तारीख भी बढ़ा दी है। इतना जरुरी है कि जीएसटी लागू होने से खर्चा अवश्य बढ़ गया है। दूसरा टैक्स क्वार्टरली कर दें तो और भी अच्छा हो जाएगा।
-अमित, शू व्यापारी।
जीएसटी की साइट अब ठीक चल रही है। शुरुआत में तकनीक खराब तथा लोड अधिक होने के कारण दिक्कत आ रही थी। अब केंद्र सरकार ने फाइल रिटर्न की अंतिम तारीख 25 अगस्त कर दी है।
-सहदेव प्रसाद, ईटीओ, नारनौल