खरकड़ा बास में जेएलएन ओवरफ्लो, 200 एकड़ फसल खराब
कनीना। जवाहर लाल नेहरू कैनाल में पानी की मात्रा अधिक होने से खरकड़ा बास गांव के पास नहर ओवरफ्लो हो गई। इससे करीब 200 एकड़ भूमि पर खड़ी फसलें जलमग्न हो गई। किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। वहीं अटेली की पूर्व विधायक एवं सीपीएस अनिता यादव जलमग्न खेतों में पहुंची और किसानों के खराब हुई फसलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजे की मांग की।
अनिता यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार से जब नहरी पानी की मांग की जाती है या नहर से पाइप लगाकर किसान फसलों की सिंचाई करते हैं तो नहर विभाग के अधिकारी मौके पर आकर किसानों को दंडित करने की कार्रवाई करते हैं। इस समय जब कपास, बाजरे व गवार की फसल पकाव की ओर बढ़ रही थी तो नहर ओवरफ्लो होने से उनकी फसल पानी में डूब गई। एक पखवाड़े भर से पानी में खड़ी फसल खराब हो गई है गांव में प्रवेश करने वाले दो रास्तों में भी पानी खड़ा है। केमला से धनौंदा व खरकड़ा से केमला मार्ग अवरूद्ध हो गया है जहां से वाहन गुजरना मुश्किल हो गया है। अपने गांव जाने के लिए ग्रामीणों को दस किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय इस प्रकार से फसल खराब होने पर 30 हजार रुपये एक फसल के मुआवजे के रूप में किसानों को दिए जाने का प्रावधान किया था। उसी के तहत भाजपा सरकार द्वारा किसानों की खराब हुई 200 एकड़ फसल का मुआवजा देने की मांग की है। अनिता यादव ने खराब हुई फसल की तत्काल गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है। किसान ताराचंद ने बताया कि खरकड़ा बास से पीछेे नहर को दुरुस्त करने तथा यहां से नहरी ऊपर नहीं उठाया उठाया जाने से यह समस्या बन रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से समाधान की मांग की है।
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