फोटो संख्या:-64 डायट में प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेते हुए प्राचार्य--स्रोत डायट
महेंद्रगढ़। शहर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में जिले के स्कूल प्राचार्य और मुख्याध्यापकों का प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तहत प्राचार्यों को स्कूल प्रबंधन व लीडरशिप की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में जिला के राजकीय विद्यालयों के 85 प्राचार्य और पांच मुख्याध्यापक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत प्राचार्यों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि स्कूलों में उचित प्रकार का प्रबंधन हो और विद्यार्थियों को भी उचित सुविधाएं मिल सकें। इसमें प्राचार्यों को बताया गया कि किस प्रकार स्कूल में शैक्षणिक और अन्य प्रबंधन किए जाएं ताकि व्यवस्था बनी रहे।
इसके साथ ही अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ तरीके बताए गए। दूसरी ओर सभी को कुशल लीडरशिप की जानकारी दी गई ताकि शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ तालमेल कर कुशल लीडरशिप की जा सके।
डायट प्राचार्य सुनील दत्त ने कहा कि नई शिक्षा नीति का सफल क्रियान्वयन तभी संभव है जब स्कूल नेतृत्व नीति की मूल भावना को समझ कर विद्यालय स्तर पर आवश्यक बदलाव सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. ईश्वरचंद ने नई शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी दी। इसमें फाउंडेशनल लिटरेसी न्यूमैरेसी क्षमता आधारित मूल्यांकन शिक्षक में तकनीक का उपयोग व स्कूल नेतृत्व की नई भूमिकाएं पर मुख्य रही।
डाइट सीनियर प्रवक्ता नरेश कुमार गोयल, डॉ. मंगतराम यादव, डॉ. राकेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, अरुण कुमार, सूर्यकांत, डॉ. सुरेंद्र ने रिसोर्स पर्सन की भूमिका निभाई।
वर्जन:
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्यों की क्षमता संवर्धन के लिए जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों व प्राचार्यों की क्षमता बढ़ाना है। इससे विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर बढ़ेगा और अच्छी गुणवत्ता प्रदान करने में विभाग सफल हो पाएगा। -सुनील दत्त, प्राचार्य, डायट महेंद्रगढ़