जिले में दोबारा से कोरोना वायरस के केस आने शुरू हो गए हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग कोरोना टीकाकरण पर जोर दे रहा है। जिले में चार मार्च तक 82 फीसदी सरकारी, निजी स्वास्थ्य कर्मचारियों और 64 फीसदी फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है।
बता दें कि जिले में 16 जनवरी से कोरोना वायरस का टीका लग रहा है। सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण शुरू हुआ। इसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स और अब 60 साल के बुजुर्गों को टीका लगाया जा रहा है। शुरूआत में टीके की ओर से लोगों का रुझान कम रहा, लेकिन अब टीकाकरण का कार्य गति पकड़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 5042 सरकारी और निजी हेल्थ वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जाना है। इसमें 4151 हेल्थ वर्कर्स से आगे आए और टीका लगवाया है। टीकाकरण कराने वालों में सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, सीनियर मेडिकल अधिकारियों, मेडिकल अधिकारियों, स्टाफ नर्स, एएनएम और आंगनबाड़ी वर्कर्स समेत अन्य शामिल हैं। डिप्टी सीएमओ और टीकाकरण के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को लगभग सभी सेंटरों पर टीकाकरण हुआ। उन्होंने कहा कि लाभार्थी टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। जिले में 82 फीसदी हेल्थ वर्कर्स को टीका लग चुुका है।
63 फीसदी ने लगवाया दूसरा डोज
जिले में चार मार्च तक 63 फीसदी सरकारी और निजी हेल्थ वर्कर्स ने कोरोना का दूसरा टीका लगवाया। सरकारी हेल्थ कर्मचारियों में 2446 और प्राइवेट में 157 ने दूसरी बार टीका लगवाया। यानी 68 फीसदी सरकारी और 28 फीसदी निजी हेल्थ वर्कर्स से दूसरी डोज ली।
64 फीसदी फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगा टीका
जिले में चार मार्च तक 64 फीसदी फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगा। इमसें 1126 पंचायती राज के कर्मचारियों में से 391 को टीका लगा है। इसी प्रकार 750 पुलिसकर्मी व होम गार्ड में 718 राजस्व विभाग के 210 में से 123 और अन्य 111 को टीका लगा है। फ्रंट लाइन वर्कर्स में सबसे अधिक 96 फीसदी पुलिस कर्मचारियों ने टीका लगवाया है। पंचायती राज में मात्र 35 फीसदी ने टीका लगवाया है। जिले में चार मार्च तक 346 बुजुर्गों को कोरोना का टीका लगा। इमसें सरकारी अस्पताल में 338 व प्राइवेट में आठ बुजुर्गों को टीका लगा।