अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
फायर विभाग के बेड़े में जल्द ही दो छोटी गाड़ी और 10 बाइकें शामिल होने जा रही हैं। इन संसाधनों से लेस होने के बाद विभाग शहर की तंग गलियों में आग की घटनाओं पर जल्द काबू पाया जा सकेगा।
पुराने शहर में तंग गलियां होने के कारण कई बार फायर विभाग को आग पर काबू पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बड़ी गाड़ियां गलियों में आसानी से नहीं जा पाती। इसे देखते हुए फायर विभाग ने उच्चाधिकारियों से नारनौल शहर के लिए दो छोटी गाड़ियों की मांग की हुई है।
फायर अधिकारी सुरेश कुमार कुमार ने बताया कि अभी तीन दमकल गाड़ियां उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि संकरी गलियों के लिए दो छोटी गाड़ियों की मांग की गई है। नई गाड़ियों के मिलने के बाद फायर विभाग की पहुंच शहर के पूरे एरिया में हो जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस अगस्त के अंत तक दोनों गाड़ियां उपलब्ध हो जाएंगी। छोटी गाड़ियों में दो से पांच हजार लीटर पानी आता है। कुछ गाड़ियों में केमिकल युक्त पानी होने से आग को जल्द काबू किया जा सकता है। नारनौल में एक फोम व दो फायर गाड़ियां उपलब्ध हैं।
10 बाइकें फायर फाइटिंग उपकरण से होगी लेस
फायर अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि बेड़े में 10 बाइकें भी शामिल होने वाली है। इन बाइकों पर लगे बैग के अंदर फोम किट के साथ-साथ फायर फाइटिंग उपकरण होंगे। बाइकों से विभाग को ज्यादा तंग गलियों में छोटी-मोटी आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी। नारनौल व महेंद्रगढ़ पुराने शहर हैं, इन शहरों में कई तंग गलियां हैं। इन 10 बाइकों में पांच महेंद्रगढ़ भेजी जाएंगी।
नक्शा पास कराने में मिलेगी मदद
घर का नक्शा पास कराने के लिए फायर विभाग से एनओसी जरूरी है। जिस एरिया में फायर विभाग की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती, फायर विभाग उन जगहों पर एनसीओ नहीं देता है। ऐसे में छोटी गाड़ियां और बाइकें मिलने से पुराने शहर के लोगों के घरों के नक्शे पास कराने में अड़चन नहीं आएगी।