अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। पहाड़ों का बहता हुआ पानी कृष्णावती नदी में भेडंटी के पास पहुंच चुका है। यहां मार्ग में माइंस का मलबा पड़ा हुआ है, जिसकी रुकावट से पानी खेतों में घुस गया। ग्रामीणों ने मलबे की दीवार को तोड़कर रास्ता बहाल करना शुरू किया, किंतु लीज होल्डर के बुलावे पर आई राजस्थान पुलिस ने इंकार कर दिया। इसके बाद जिला उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने पुलिस को हरियाणा की सीमा में दीवार को हटाकर रास्ता बहाल करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान सरकार ने कृष्णावती नदी को पत्थर खनन के लिए लीज पर छोड़ दिया। गत 10-12 साल से लगातार खनन हो रहा है, जिस कारण खदान की गहराई 150 फीट से अधिक हो चुकी। अब राजस्थान की सीमा में पत्थर की क्वालिटी हल्की हो गई है। लीज होल्डर ने हरियाणा की तरफ खनन शुरू कर दिया तो इसकी भनक लगने पर पंचायत ने नदी की पैमाईश कराई थी। रिपोर्ट में अवैध खनन साबित हो चुका, कार्रवाई के लिए पंचायत ने जिला प्रशासन व विभाग को अवगत करवा दिया। इसके बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइंस संचालक खदान का मलबा कृष्णावती नदी में डाल रहा है। जिस कारण नदी के आरपार दीवार खड़ी हो गई। गुरुवार सुबह पांच बजे नदी में पानी आ गया, यहां रास्ता बंद होने के कारण खेत जलमग्न हो गए। गांव तक पानी पहुंचने की संभावना के चलते ग्रामीणों ने सरपंच को अवगत कराया। इसके बाद ग्रामीणों ने मलबे की दीवार को तोड़ना शुरू कर दिया। इसी दौरान माइंस संचालक राजस्थान पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गया। पुलिस के हस्तक्षेप पर ग्रामीणों ने मलबे को हटाना बंद कर दिया। सरपंच ने जिला उपायुक्त को समस्या से अवगत कराया। उनके निर्देशानुसार नांगल चौधरी थाना प्रभारी सत्यनारायण व बीडीपीओ प्रमोद कुमार ने भेडंटी की सीमा में पड़ा मलबा हटवाया। रास्ता बहाल होने पर पानी खदान में कूदना शुरू हुआ तथा ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता से निजात मिली।
भूजल होगा रिचार्ज, किसानों को मिलेगी राहत
बीडीपीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि कृष्णावती नदी में पत्थरों का मलबा पड़ा होने के कारण पानी खेतों में घुस गया था। दोनों ओर से तनातनी उत्पन्न होने पर भेडंटी की सीमा में मलबा हटवा दिया गया। अब पानी के बहाव का रुख कृष्णावती नदी की तरफ हो गया है। उन्होंने कहा कि नदी में पानी आने से भूजल रिचार्ज होगा, बंद बोरवेल चालू होने पर किसानों को राहत मिलेगी।