अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकारी स्कूलों के बच्चों को पॉक्सो एक्ट, मानसिक तनाव, यौन शोषण से बचाव और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करने के लिए शुरू किया गया युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिता अब प्रदेश के 11 जिलों के 60 स्कूलों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए इन जिलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है। युवा ग्राम पंचायत का पहला चरण अगस्त में होगा।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम ने पिछले साल प्रदेश के तीन जिलों के 9 स्कूलों में युवा ग्राम पंचायत आयोजित की थी। एससीईआरटी का मानना है कि युवा ग्राम पंचायत के जरिए स्कूली बच्चों को जेंडर इश्यू, साफ-सफाई, ग्राम विकास, पर्यावरण, पोक्सो एक्ट जैसे सम सामयिक मुद्दें पर जानकारी दी जाएगी। जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मेवात, रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ जिले के 9 चुनिंदा स्कूलों में आयोजित किया गया था। एससीईआरटी में जनसंख्या विंग के विषय विशेषज्ञ ब्रह्म प्रकाश ने बताया नौ स्कूलों के बच्चों में जीवन कौशलों का विकास हुआ है। ऐसे में अब इसे प्रदेश के 11 जिलों में शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 24 जुलाई को एससीईआरटी गुड़गांव में टीचरों को प्रशिक्षण दिया गया था। जिससे अगस्त में प्रतियोगिता का पूरा कराया जा सके।
इन जिलों में होगा
दूसरे चरण में करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुड़गांव, नूंह, पलवल और फरीदाबाद जिले शामिल हैं। इन जिलों के 60 स्कूलों में युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
क्या है युवा पंचायत
एनसीएफ-2005 के अनुसार बच्चों को क्रियाकलाप आधारित शिक्षा देने का प्रावधान है। इसी को ध्यान में रखकर युवा पंचायत प्रतियोगिता आयोजित कराई जा रही है। युवा पंचायत के जरिए बच्चे सामाजिक मुद्दे, भ्रूण हत्या, बुर्जुगों का सम्मान, पोक्सो एक्ट ड्रग, जेंडर समस्या, बच्चों में किशोरावस्था में आने वाले बदलाव और पर्यावरण जैसे समस्याओं को उठाएंगे। इसमें कक्षा नौ से 12 वीं के बच्चे को शामिल किया जाएगा। युवा ग्राम पंचायत में सरपंच, ग्राम मेंबर, संबंधित विभाग के अधिकारी, स्थानीय शिक्षा अधिकारी को आमंत्रित किए जाते हैं। पहले स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तर पर आयोजित होगी।
एक घंटे की प्रतियोगिता में 30-40 विद्यार्थी होंगे शामिल
इस प्रतियोगिता में 30-40 लड़के और लड़कियां शामिल होंगे। छात्र गांव की समस्याओं की पहचान करेंगे। इसमें टीचर उनकी मदद करेंगे। इसमें ग्रामीण विकास, सफाई, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दे होंगे। युवा पंचायत में बच्चों इन समस्याओं को उठाएंगे और निदान भी छात्र ही बताएंगे। इसी को लेकर छात्र पक्ष-विपक्ष की भूमिका में होंगे। स्कूल स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में जज के रुप में प्रिंसिपल, पंचायत मेंबर या सामाजिक कार्यकर्ता और आर्ट संबंधित एक व्यक्ति शामिल होगा।
यह थीम होंगे
सोशल-लड़के और लड़कियों को समानता का अधिकार, ड्रग के बारे में जानकारी देना, शिक्षा-समाज में सभी को एक समान शिक्षा, सफाई, हेल्थ, संतुलित विकास,पर्यावरण, पंचायत प्रोसेज और प्रबंधन, पाक्सो एक्ट जैसे मामलों को शामिल किया जा सकता है। सामाजिक समस्याओं पर-40 नंबर, प्रेजेंटेशन पर 25 नंबर, रिफलेक्शन ऑफ लाइफ स्किल-25 नंबर और ऑडिएंस इनवाल्मेंट पर 10 नंबर दिया जाएगा।
नेशनल स्तर पर भी लागू हो सकता है
युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिता प्रोजेक्ट को एनसीईआरटी दिल्ली ने साल 2017-2018 के लिए इनोवेटिव प्रोजेक्ट के रुप चुना गया। इसके लिए एससीईआरटी गुड़गांव के जनसंख्य विंग के ब्रहम प्रकाश को नेशनल स्तर पर प्रमाण पत्र व 10 हजार कैश दिया है। माना जा रहा है इसे एनसीईआरटी देश के अन्य राज्यों में ऐसे शुरू करने का सुझाव दे सकती है।
वर्जन
पहले चरण में युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिता सफल रही है। अब इसे 11 जिलों में शुरू किया जा रहा है। इसे लेकर टीचरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह एससीईआरटी की इनोवेटिव आइडिया है। जिला स्तर पर डायट स्कूलों की मदद करेगी।
- ज्योति चौधरी, निदेशक एससीईआरटी।
वर्जन
इससे बच्चों में जीवन कौशलों का विकास हुआ है। इसके लिए 24 जुलाई को एससीईआरटी गुड़गांव में टीचरों को प्रशिक्षण दिया गया था। चयनित स्कूलों में डायट के विशेषज्ञ स्कूलों की मदद करेंगे।
- ब्रह्म प्रकाश,जनसंख्या विंग के विषय विशेषज्ञ, एससीईआरटी।
वर्जन
युवा ग्राम पंचायत के जरिए देश की सबसे छोटी ग्राम पंचायत ने पहली बार इसका आयोजन किया गया था। महेंद्रगढ़ के पांच ब्लॉक में हुआ था। बच्चों ने सरपंच, पंच, पदाधिकारी बनकर काम किया था।
- रमेश टॉक, संयोजक, डायट महेंद्रगढ़।