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जाम लगाना नहीं है कोई समाधान

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जाम में फंसे लोगों ने कहा, मेरा क्या कसूर
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नेशनल हाईवे पर जाम लग जाने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। वाहन चालक लगभग 2 घंटे तक जाम में फंसेेेे रहे। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। वे अपने स्कूलों में निर्धारित समय से डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे। इस दौरान जाम में फंसे लोगों ने बताया कि जाम लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि बस स्टॉप पर बस नहीं रुकती तो जीएम के पास जाकर अपनी समस्या बतानी चाहिए। एक समस्या के चक्कर में हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसमें उन लोगों का क्या कसूर है? सुबह के समय नौकरी पेशा लोग अपने ड्यूटी जाते हैं, बहुत से लोग कोर्ट की तारीख पर जाते हैं। इसके अलावा मरीजों के इलाज के लिए जयपुर जाते हैं। जाम लग जाने के कारण न केवल वे लेट हो जाते हैं बल्कि पूरे दिन उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। गौरतलब है कि जाम के दौरान किसी भी वाहन चालक को नहीं निकलने दिया जा रहा था। जाम में रोडवेज बसें, सवारी गाड़ियां, स्कूल वाहन सहित लगभग 600 वाहन फंसे हुए थे जबकि दोपहिया वाहन खेतों में से ले जा रहे थे। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और रोडवेज बस में बैठ यात्रियों को हुई।
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मुझे नारनौल कोर्ट तारीख पर जाना था, लेकिन डेढ़ घंटे से जाम में फंसे हैं। जाम लगाना कोई समाधान नहीं है। समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के पास जाना चाहिए वहीं समस्या का समाधान होगा।
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-सत्यनारायण शर्मा
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मैं बेस मॉडल स्कूल चरखी दादरी में प्रबंधन कमेटी का सदस्य हूं। बच्चों को जयपुर घुमाने लिए ले जा रहे थे। एडवांस में ही सभी टिकटें बुक करवा रखी हैं। साढ़े आठ बजे ही जाम में फंस गए थे। इसमें सड़क पर सफर कर रहे लोगों का क्या कसूर है।
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-प्रकाश फौगाट।
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मैं आधारशिला विद्यापीठ का ड्राइवर हूं। बच्चों को लेकर स्कूल जा रहा था। सुबह 8.40 बजे यहां पहुंचा था तो यहां जाम लगा हुआ था। अब 10.30 बज चुके हैं। अभी जाम खुला है। स्कूल से डेढ़ घंटा लेट हो गए हैं। बच्चे भी परेशान हो रहे हैं।
-रामबिलास, स्कूल ड्राइवर
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