रोडवेज की बसों का संचालन बंद, यात्री परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। डेरा प्रमुख पर सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के बिगड़ते हालात को देखते हुए हरियाणा रोडवेज के महानिदेशक ने शनिवार से रोडवेज की बसों का परिचालन बंद कर दिया। इसके बाद स्थानीय डिपो की बसों को वर्कशॉप परिसर में खड़ा कर दिया गया। महानिदेशक ने यह फैसला किसी भी प्रकार जान-माल की हानि से बचने के लिए लिया है। शनिवार दोपहर 12 बजे से महेंद्रगढ़ जिले में आगामी आदेश तक परिवहन बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। रोडवेज की बसें अचानक बंद हो जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसका निजी वाहन चालकों ने जमकर फायदा उठाया। बसें बंद होने से नारनौल रोडवेज विभाग को रोज 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
डेरा प्रमुख पर आने वाले फैसले को देखते हुए परिवहन विभाग ने दादरी-रोहतक-चंडीगढ़ से आने-जाने वाली बसों पर 24 अगस्त से ही रोक लगा दी थी। महेंद्रगढ़ जिले में डेरा समर्थक कम होने और कोई उपद्रव नहीं होने की संभावना जताते हुए चंडीगढ़ रूट को छोड़कर दिल्ली, रेवाडी, महेंद्रगढ़, सिंघाणा, झुंझुनूं आदि रूटों पर परिवहन सेवा जारी रखी थी। लेकिन, 25 अगस्त को डेरा प्रमुख पर आए फैसले के बाद पंचकूला और सिरसा सहित हरियाणा के कई जिलों में डेरा प्रमुख के समर्थकों ने बवाल काटा था। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन फूके गए थे। इसे देखते हुए परिवहन विभाग के महानिदेशक ने प्रदेश के सभी जिलों में परिवहन सेवा को आगामी आदेश तक पूर्ण रूप से बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।
12 बजे के बाद बसों की आवाजाही बंद
महानिदेशक के आदेश में बाद शनिवार करीब 12 बजे से नारनौल डिपो से परिवहन बसों की आवाजाही पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई। इस प्रकार नारनौल डिपो में आने वाली सभी परिवहन बसें सवारियों को उतारकर रोडवेज कार्यशाला और बस स्टैंड के अंदर खड़ी कर दी गई।
लंबी दूरी के यात्रियों को हुई परेशानी
रोडवेज बसों के संचालन पर रोक लगाने के कारण विशेषकर लंबी दूरी के यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि लंबी दूरी के लिए कोई निजी वाहन संचालित नहीं हो रहा। हालांकि, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और सिंघाणा आदि रूटों पर निजी वाहन चलते रहे।
परिवहन के पहिए थमने से लाखों का नुकसान
चंडीगढ़, रोहतक, दादरी, दिल्ली रूटों पर परिवहन के पहिए थमने से रोडवेज विभाग को प्रतिदिन 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। शनिवार से रोडवेज बसों पर पूर्ण रूप से रोक लगा देने से यह नुकसान बढ़ जाएगा। क्योंकि, चंडीगढ़-रोहतक रूट पर 24 अगस्त से रोडवेज का संचालन बंद है। इसके बाद 25 अगस्त से दिल्ली जाने वाली परिवहन विभाग की बसों पर रोक लगा दी गई। अब 26 अगस्त को महानिदेशक के आदेश पर परिवहन बसों के संचालन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इन रूटों पर बंद हुई परिवहन सेवा
डेरा प्रमुख के फैसले के बाद प्रदेश फैली हिंसा के चलते नारनौल रोडवेज विभाग ने चंडीगढ़-रोहतक रूट पर चलने वाली पांच बसें, दादरी रूट पर तीन, भिवानी रूट पर दो और सिंघाणा, महेंद्रगढ़, रेवाडी, दिल्ली के लिए हर आधे घंटे में होने वाला रोडवेज बसों का संचालन बंद हो गया है। नांगल चौधरी, निजामपुर, अटेली, खटोटी, भांखरी, गोद बलाहा आदि लोकल रूटों पर चलने वाली दर्जनों बसें भी बंद हो गई हैं।
प्रशासन ने कोचिंग सेेंटर भी करवाएं बंद
पंचकूला में तोड़फोड़ करने वाले डेरा के समर्थकों में विशेषकर युवा शामिल थे। उन्होंने डेरा प्रमुख के फैसले के बाद जमकर उत्पात मचाया। इससे सबक लेते हुए प्रशासन ने शनिवार के सभी कोचिंग सेंटरों को बंद करवा दिया। कोचिंग सेंटरों को बंद करने के पीछे प्रशासन का तर्क है कि यदि पंचकूला जैसे हालात यहां पैदा होते है तो इसमें अधिक युवा शामिल न हो सके, इसलिए कोचिंग सेंटर बंद कराए गए हैं। कोचिंग सेंटरों शहरों की अपेक्षा गांवों के अधिक युवा पढ़ाई करते है।
पुलिस बल रहा तैनात
रोडवेज बसों को बंद करने के बाद बस स्टैंड के दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए गए हैं। रोडवेज बसों का अचानक संचालन बंद करने के बाद किसी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति न पैदा हो जाए। इस कारण बस स्टैंड के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। फोर्स के साथ डीएसपी संजीव बल्हारा भी मौजूद थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायाब तहसीलदार रतन लाल कटारिया भी मौजूद रहे।
विभिन्न टेस्टों की परीक्षाएं नजदीक हैं। ऐसे में कोचिंग सेंटर बंद होने से पढ़ाई बाधित होगी। इससे परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण होने की संभावना बढ़ गई है।
-विक्की लहरोदा
एक ओर प्रशासन ने कोचिंग सेंटर बंद करवा दिए हैं, दूसरी ओर रोडवेज बसें भी बंद करवा दी गई हैं। ऐसे में वे अपने घर वापस कैसे लौट पाएंगे।
-मिथुन सोलंकी खोडमा
कोचिंग सेंटर हमसे भारी भरकम फीस ले रहे हैं। इसी तरह से यदि हमारी पढ़ाई दो-तीन दिन और भी बाधित रही तो हमेें बहुत सा नुकसान होगा।
-संदीप लहरोदा
रोडवेज विभाग ने लोकल रूटों की भी सभी बसों का संचालन बंद कर दिया है। निजी वाहन चालक लोकल रूट के लिए अपने वाहन में नहीं बैठाते है।
-विजय बडकोदा