बीमारियों की चपेट में आई ग्वार की फसल, किसान चिंतित
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। मौसम में नमी बढ़ने से ग्वार फसल को बीमारियां ने जकड़ना शुरू कर दिया है। फसल पर हरा तेला व सफेद मक्खी का आक्रमण भी शुरू हो गया है। इस वजह से क्षेत्र में किसानों की चिंतायें शुरू हो गई है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त वरिष्ठ ग्वार विशेषज्ञों ने शुक्रवार को गांव मुलोदी, कांवी की ढाणी व मुरारीपुर आदि गांवों का सर्वे किया। इस अवसर पर किसानों को जीवाणु अंगमारी व झुलसा रोग के लिए पांच पाउच प्रति किसान को कंपनी की तरफ से फ्री दवाई वितरित की गई।
सर्वे के दौरान ये पता चला कि ज्यादातर किसानों को फसल की बीमारियों के बारे की जानकारी नहीं है। किसान सिफारिश की गई दवाईयों का इस्तेमाल न करके दवा विक्रेताओं के कहने पर दवाई इस्तेमाल करते है। इस संबंध में नांगल चौधरी खंड के गांव मुलौदी में किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर में डॉ. बीडी यादव ने किसानों को बीमारी के शुरूआत के लक्षण तथा उनकी रोकथाम के बारे में जानकारी दी। जीवाणु अंगमारी के बारे में पत्तों की किनारियां काली पड़नी शुरू हो जाती है तथा बाद में यह बीमारी पूरे पत्तों पर आ जाती है। बीमारियों की रोकथाम के लिए पहला स्प्रे जब फसल 40-45 दिन की हो जाये 30 ग्राम स्ट्रोप्टोसाइक्लिन व 400 ग्राम कॉपर आक्सीक्लोराइड को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ करने की सलाह दी।