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प्राथमिक स्कूलों में लगवाए आरओ सिस्टम पांच साल से खराब, बच्चों को नहीं मिल रहा दूषित पानी

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प्राथमिक स्कूलों में लगे आरओ सिस्टम खराब, बच्चे दूषित पानी पीने को मजबूर
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नांगल चौधरी। करीब पांच साल पहले महेंद्रगढ़ जिले की 20 प्राथमिक स्कूलों को आरओ सिस्टम उपलब्ध करवाए गए थे। नांगल चौधरी ब्लॉक के 10 स्कूलों में आरओ सिस्टम लगवाए गए थे। देखरेख के अभाव में अधिकांश आरओ कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। संबंधित संस्थाओं के इंचार्ज ने जनस्वास्थ्य विभाग में शिकायत भी दर्ज करवाई लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते रिपेयर प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पाई है। इसकी वजह से बच्चों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
बता दें कि जिले के नांगल चौधरी, अटेली, महेंद्रगढ़ समेत तीन ब्लॉक डार्कजोन में शामिल हैं। जिनमें से नांगल चौधरी, निजामपुर खंड की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहां दो हजार फुट गहराई तक जलस्रोत नहीं मिल रहे है। गहराई के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिलने से पेयजल का स्वाद व गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है। समाधान को लेकर 2012 में तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों में मिले स्वच्छ पेयजल योजना क्रियान्वित की गई थी। योजना के प्रथम चरण में महेंद्रगढ़ जिले के 20 प्राथमिक स्कूल शामिल किए गए। जनस्वास्थ्य विभाग ने महेंद्रगढ़ डिवीजन में 10 तथा नारनौल डिवीजन के नांगल चौधरी खंड के 10 स्कूल चिन्हित किए। इसके बाद आरओ सिस्टम लगाने के लिए टेंडर जारी किए। आरओ सिस्टम लगाने वाली दो साल की वारंटी व फिटिंग करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अधिकांश सिस्टम दो साल के वारंटी पीरियड में खराब हो गए। नांगल चौधरी के एक स्कूल में कंपनी के इंजीनियर आरओ की फिटिंग करने ही नहीं पहुंचे। संबंधित स्कूलों के इंचार्ज जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। उन्होंने 5-7 दिन में समाधान करवाने का आश्वासन देकर शिकायतों का समाधान कर दिया। अभी तक कंपनी के कर्मचारी रिपेयर करने नहीं पहुंचे है। इसकी वजह से बच्चे टंकी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
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2012 में आरओ मिले, 2013 में हुई फिटिंग
विभागीय सूत्रों के अनुसार जून 2012 में 20 स्कूलों को आरओ सिस्टम मुहैया करवाए गए। एक साल बाद जून 2013 में फिटिंग की प्रक्रिया आरंभ की गई। जनवरी 2014 में बच्चों को शुद्ध पेयजल मिलना शुरू हुआ। इसके करीब 6 महीने सुविधा के बाद से अमरपुरा, सिरोही बहाली, शहबाजपुर, नांगल दुर्गू, नांगल नूनियां, नांगल चौधरी की दोनों स्कूल तथा नियामतपुर प्राथमिक पाठशाला का आरओ खराब पड़ा है।

बच्चों की हड्डियां टेढ़ी-मेढ़ी होने का खतरा
नारनौल सामान्य अस्पताल के डा. मनीष यादव ने बताया कि बच्चों की हड्डी कमजोर व पतली होती हैं। फ्लोराइड के लवणों से हड्डी में छिद्र होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही कमजोर हड्डियां हड्डियां टेढ़ी-मेढ़ी हो सकती हैं। चिकित्सक के मुताबिक पानी में फ्लोराइड की सामान्य मात्रा (1.00 पीपी) आवश्यक है। अन्यथा दांत व शारीरिक बीमारियां बढ़ जाएंगी।
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शिकायतों का नहीं हो रहा समाधान
प्राचार्य बीरसिंह चौधरी ने बताया कि गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में आरओ सिस्टम है। इस आरओ सिस्टम से एक घंटे में 100 लीटर पानी फिल्टर होने की बात कही गई थी, लेकिन सिस्टम खराब होने के कारण छात्राओं को फ्लोराइड से मुक्ति नहीं मिल रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित शिकायत दी है लेकिन अभी तक समस्या बरकरार है।
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