नारनौल। रोडवेज विभाग चालकों-परिचालकों के कार्य में सुधार ला रहा है। इसी कड़ी में रोडवेज बसों में जीपीएस सिस्टम लगावा रहा है। शुरूआत में लंबे रूट की 18 बसों में ट्रायल के रुप में जीपीएस लगा दिया गया है। जीपीएस से बसों की लोकेशन, रूट, स्पीड समेत अन्य की जानकारी मिल सकेगी। योजना के अनुुसार बाद में इसे आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे लोगों को बसों की लोकेशन की जानकारी मिल सके।
बता दें कि रोडवेज विभाग बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाने का फैसला लिया है। यह सिस्टम ग्लोबल पोजशनिंग सिस्टम (जीपीएस) पर आधारित है। ऐसे में रोडवेज की सभी बसों में जीपीएस लगाया जाएगा। नारनौल डिपो ने फिलहाल चंडीगढ़, दिल्ली और जयपुर समेत लंबे रूट की 18 बसों में सिस्टम लगाया गया है। इन बसों के बारे में जीएम रोडवेज, डीआई और सीआई को पल-पल की जानकारी मिलती रहती है।
डीआई विक्रम सिंह ने बताया कि अभी 18 बसों में यह सेवा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि आफिस का एक कर्मचारी बसों पर निगरानी रख रहा है। जल्द ही अधिकारियों के मोबाइल पर भी यह उपलब्ध होगी। नारनौल डिपो में 139 बसें है। जिसमें से 135 बसें ऑन रूट है। रोडवेज अपनी सेवाओं में सुधार की दिशा में कार्य कर रहा है। इसमें अच्छा कार्य करने वाले चालकों परिचालकों को हर माह सम्मानित भी किया जा रहा है। पिछले महीने बसों की डीजल की खपत और कैश रिसीट पर चर्चा हुई थी। जिसमें डिपो की बसों की एवरेज पांच केएमपीएल करने की योजना है। बसों में जीपीएस होने से चालक तेज गति से बस नहीं चला जाएगा। दूसरा हाईवे पर पुल के नीचे से बस लेकर जाने के चालकों को निर्देश है लेकिन कई बार चालक पुल के ऊपर से बसों को लेकर चले जाते हैं। इससे बसों को यात्री कम मिलते हैं।
यह मिलेगा फायदा
बसों में जीपीएस सिस्टम लागू हो जाने के बाद रोडवेज के आला अधिकारी अपने कार्यालय से ही बसों की लोकेशन को ट्रेस कर पाएंगे। यह सिस्टम ड्राइवर-कंडक्टर की लापरवाही पर भी लगाम लगा सकेगा। सिस्टम के जरिए बसों का नंबर, पोजीशन, स्पीड और रुकने के स्थान की भी संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। यही नहीं रिकॉर्डिंग के द्वारा बाद में किसी भी समय जरूरत पड़ने पर पुराने रिकॉर्ड को भी जांचा जा सकता है। रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार जीपीएस के जरिये बसों की लोकेशन को विभाग के वेबसाइट/एप पर उपलब्ध होगी, जिससे कोई भी यात्री अपने मोबाइल पर गूगल पर बस के नंबर से सर्च कर सकेगा।
बसों में जीपीएस सिस्टम लगवाया जा रहा है। अभी 18 बसों में ट्रायल के रुप में लगा है। इससे मोबाइल पर बसों की लोकेशन समेत अन्य जानकारी विभाग को मिल रही है। जल्द ही अन्य बसों में भी यह सेवा उपलब्ध होगी। विभाग का प्रयास है कि इसका लाभ आम आदमी को भी मिले। इसे जल्द ही विभागीय पोर्टल या एप पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यात्रियों को बस की लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी।
- राजीव नागपाल, जीएम रोडवेज