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762 खिलाड़ियों को खेल महाकुंभ की इनामी राशि का डेढ़ माह से है इंतजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। जिले के 726 खिलाड़ियों को डेढ़ माह बाद भी खेल महाकुंभ का कैश प्राइज नहीं मिला है। खिलाड़ी पैसे के लिए कोच और खेल विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। बताया जा रह है कि करीब डेढ़ माह से खिलाड़ियों की फाइल डीसी कार्यालय में अटकी पड़ी हुई है। इन खिलाड़ियों को करीब नौ लाख रुपये की इनामी राशि मिलनी है।
जिला स्तरीय खेल महाकुंभ के मुकाबले 11 से 13 अक्तूबर 2018 तक हुए थे, जिसमें जिले के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दमखम दिखाया। खेल महाकुंभ में एकल गेम्स में प्रथम आने वाले खिलाड़ी को 2000 रुपये, दूसरे स्थान वाले को 1500 रुपये व तीसरे स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 1000 रुपये की नकद राशि इनाम में दी जाती है। इसके अलावा प्रतियोगिताओं में प्रथम टीम को 1500 रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले को 1000 रुपये व तीसरे स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 750 रुपये की नकद राशि मिलनी थी। जोकि अब तक नहीं मिली।
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बता दें कि पहले खेल महाकुंभ में विजेता खिलाड़ियों को पैसे सीधे खाते में भेजे जाते थे। इसमें कई बार तकनीकी कमी से खिलाड़ियों के पैसे मिलने में देर हो जाती थी। जिसे देखते हुए पिछले साल खेल विभाग ने महाकुंभ में विजेता खिलाड़ियों को कैश प्राइज देेने का प्रावधान कर दिया था। जिसके तहत जिला महाकुंभ में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को अब कैश प्राइज दिया जाना है। इसके लिए नवंबर में ही जिला खेल विभाग को विभाग से पैसे मिल गए थे।
डीसी और डीएसओ का खाता संयुक्त
खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी खिलाड़ियों के कैश प्राइज की फाइल डीसी के पास 26 नवंबर 2018 को भेज दी गई थी। खेल महाकुंभ का खाता डीसी और डीएसओ के नाम पर है। ऐसे में डीसी की अनुमति के बाद ही पैसे खाते से निकाले जा सकेंगे। करीब डेढ़ माह से डीसी दफ्तर से फाइल खेल विभाग के पास नहीं आई। ऐसे में सैकड़ों खिलाड़ियों के पैसे रुके पड़े हैं। खेल विभाग कार्यालय में खिलाड़ी प्रतिदिन चक्कर भी काट रहे हैं।
इन खेलों का हुआ था आयोजन
खेल विभाग द्वारा जिला स्तरीय खेल महाकुंभ प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिग, फुटबॉल, जिम्नास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, वालीबॉल और कुश्ती के मुकाबले हुए थे। इसके बाद विजेता खिलाड़ियों ने प्रदेश स्तर पर भाग लिया था।

स्कूली नर्सरी के खिलाड़ियों और कोच का पैसा भी रुका
खेल विभाग ने जिला स्तर पर बेहतर खेल प्रतिभाओं के लिए स्कूलों में खेल नर्सरियां स्थापित की हुई है। इसमें फिलहाल नौ नर्सरियां चल रही है। इसमें तैनात कोचों को पिछले छह माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है। इससे कोच भी आर्थिक रुप से परेशान हैं। करीब 13 कोचों के 10 लाख रुपये और खिलाड़ियों के करीब 16 लाख रुपये दिए जाने हैं। खेल विभाग के अनुसार कोच व खिलाड़ियों के पैसे आ चुके हैं। जल्द ही उन्हें जारी किया जाएगा।
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वर्जन
खिलाड़ियों के पैसे से संबंधित फाइल अकाउंट अधिकारी को भेजी गई है। कोई भी फाइनेंसियल कार्य होता है तो पहले अकाउंट ऑफिसर देखता है। जल्द ही खिलाड़ियों को पैसे जारी कर दिए जाएंगे।
- डॉ. गरिमा मित्तल, डीसी।
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