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बिजली निगम के जेई की आठ वर्ष में हुए 32 बार तबादले क

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़।
भले ही प्रदेश की मनो सरकार ने राज्य में बिजली चोरी रोकने के दावे कर रही हो। लेकिन हकीकत यह है कि बिजली चोरी पकड़ने वाले निगम के कर्मचारियों के तबादले कर दिए जाते हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के जेई बीर सिंह के आठ वर्ष में 32 बार तबादले हो चुके हैं।
जेई बीर सिंह जहां भी गए उन्होंने नेताओं, व्यापारियों, बड़े-बड़े संस्थानों पर छापेमार कार्रवाई की। अभी तक वो बिजली निगम को 20 करोड़ रुपये का राजस्व दे चुके हैं। उनका कार्यकाल भी आईएएस अशोक खेमका से कम नहीं रहा। अशोक खेमका के 20 वर्ष में 44 बार तबादले हुए थे। वहीं, जेई बीर सिंह के आठ वर्ष में 32 बार तबादले हो चुुके हैं। प्रदेश की मनो सरकार में 14 तथा कांग्रेस के शासन में 18 बार तबादले हो चुके हैं। वे एक स्थान पर तीन या चार महीने से ज्यादा नहीं रहते, इससे पहले ही उनका तबादला कर दिया जाता है। इस ईमानदार अधिकारी को जहां सम्मानित किया जाना चाहिए था, वहां उसके तबादले कर दिए जाते हैं।
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आठ वर्ष में देख चुके हैं सात जिले
बीर सिंह ने बताया कि उसकी ज्वाइनिंग सितंबर 2010 में रेवाड़ी सब अर्बन ऑफिस में ज्वाइन किया था। उसकी ज्वाइनिंग को आठ वर्ष बीत चुके हैं। ज्वाइनिंग के बाद उन्होंने ईमानदार से काम किया और बिजली चोरी, लोड न बढ़वाने तथा बिजली में अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ छापेमारी की। इसी कारण उनके आठ वर्ष में 32 बार तबादले हो चुके हैं। अब तक वो उन्होंने भाजपा, इनेलो, कांग्रेस आदि नेताओं के यहां छापेमारी की। वो अब तक जींद, हिसार, मेवात, लोहारु, फरीदाबार, महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी आदि जिला में काम कर चुके हैं।
एक महीने में 40 लाख रुपये के किए चालान
बिजली निगम ने सब डिविजन महेंद्रगढ़ में जेई बीर सिंह की चोरी पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बना रखी है। टीम ने 23 अप्रैल से अब तक लगभग 40 लाख रुपये के चालान काटे हैं। जेई ने बताया कि इनमें बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान, प्रतिष्ठान आदि शामिल हैं। वहीं, अन्य टीम ने अप्रैल में चार लाख 78 हजार की बिजली चोरी पकड़ी है।
अधिकारियों के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर की याचिका
जेई बीर सिंह ने बताया कि उनका बार-बार ट्रांसफर किया जाता है। तबादला करने के बाद ऑर्डर कॉपी आती है। किंतु ऑर्डर आने से पहले अधिकारी उसे रिलीव कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार उनके साथ एक बार नहीं कई बार हो चुका है। उन्होंने एसडीओ, एक्सईएन, एसई, एमडी आदि के खिलाफ होई कोर्ट में याचिका दायर की है।
एक अधिकारी एवं नेता के पीए ने दी धमकी
जेई ने बताया कि अगस्त 2017 में जैनाबाद स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का कागजों में एनडीएस लोड कम दिखा रखा था, जबकि उसका लोड 27 केवी था। जिसका चालान कर दिया था। इसके बाद बिजली विभाग के एक सस्पेडिंड एसई का फोन आया और मामले को दबाने के लिए कहा। लेकिन उन्होंने मामला नहीं दबाया। साथ ही बताया कि अभी तक उक्त कॉलेज के काटे गए चालान की चार्जिंग नहीं हुई है। उन्हें धमकी भी मिली थी कि मामले को छोड़ दें अन्यथा अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसके दस दिन बाद तबादला कर दिया गया।
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वहीं, 2013 में तत्कालीन जनस्वास्थ्य मंत्री के पीए का 20 हजार रुपये का बिल न भरने पर लोहारू आवास पर कनेक्शन काट दिया था। मंत्री के पीए ने धमकी दी कि उसने उसके घर का कनेक्शन कैसे काट दिया। इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। उसके बाद उसका तबादला कर दिया गया। लोहारू में उसने तीन महीने में बिजली चोरी पकड़कर दो करोड़ 30 लाख रुपये का राजस्व निगम को दिलाया था।
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