हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को जिले में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा लेवल-2 और लेवल-1 की परीक्षा ली गई। रविवार को सुबह व शाम के सत्र में आयोजित की गई परीक्षा में नारनौल में 11 केंद्रों पर 3409 में से 2807 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 602 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार सुबह के सत्र में महेंद्रगढ़ में 23 और शाम के सत्र में 15 केंद्रों पर कुल 4488 में से 3484 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 1004 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। नारनौल में केवल सुबह के सत्र में टीजीटी लेवल-2 की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के चलते शहर में जाम की स्थिति भी बनी रही। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को
रविवार को जिला महेंद्रगढ़ में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा लेवल-2 की टीजीटी व लेवल-1 की पीआरटी की परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की गई। पहले सत्र की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई। वहीं दूसरे सत्र की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक हुई। दोनों लेवल की परीक्षा में कुल 7897 में से 6291 अभ्यर्थी शामिल हुए। 1606 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा से पूर्व अभ्यर्थियों को तीन स्तर की जांच के बाद परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश पत्र के अलावा अन्य कोई वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं परीक्षा को शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए एसडीएम मनोज कुमार सहित शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
तीन स्तर की जांच के बाद केंद्र के अंदर पहुंचे अभ्यर्थी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी नियमानुसार अभ्यर्थी परीक्षा से डेढ़ घंटा पहले ही केंद्रों में पहुंचना शुरू हो गए थे। सबसे पूर्व अभ्यर्थी की मुख्य गेट पर प्रवेश पत्र की जांच की गई। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई। तत्पश्चात बायोमीट्रिक डाटा कैप्चरिंग के बाद अभ्यर्थियों को अंदर प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों को केंद्र में अंगूठी, बाली, चैन, मोबाइल और इयरफोन पर आदि नहीं ले जाने दिया गया।
परीक्षा समाप्त होते ही लगा जाम
परीक्षा समाप्त होते ही दोपहर 12:30 बजे जबकि अभ्यर्थी केंद्रों से बाहर निकलकर अपने-अपने वाहनों द्वारा अपने गंतव्य की ओर बढ़े तो शहर में जाम की स्थिति भी बन गई। शहर में राजकीय महाविद्यालय नारनौल, महिला महाविद्यालय नारनौल, डीएवी स्कूल, सीएल स्कूल और यदुवंशी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
वहीं परीक्षा के दौरान निजी वाहनों की अधिकता के चलते महेंद्रगढ़ शहर में जाम की स्थिति बनी रही। लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने वाहनों को धीरे-धीरे निकालकर जाम नहीं लगने दिया। शहर के अंदर विभिन्न स्कूलों में बनाए गए आठ परीक्षा केंद्रों के चलते निजी वाहनों की संख्या अधिक रही, जिसके चलते दिनभर जाम जैसे हालात बने रहे। हालांकि चौक-चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने मुस्तैदी के साथ यातायात को नियंत्रित किया। रविवार को दो शिफ्टों में परीक्षा होने के चलते वाहनों से आए परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर को पहली शिफ्ट छूटते ही 148बी स्टेट हाईवे, बालाजी चौक, भगवान परशुराम चौक, मसानी चौक सहित अन्य स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस प्रशासन की ओर से सभी चौकों पर पुलिस की तैनाती की गई थी। किसी भी प्रकार के व्यवधान रहित परीक्षा संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में उड़न दस्ते लगातार परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे। परीक्षा केंद्रों के बाहर तथा अंदर की स्थिति पर लगातार तैनात कर्मचारी व खुफिया विंग की टीमों ने भी लगातार निगरानी रखी। परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले ही परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की गई। पहले मेटल डिटेक्टर, आईआरआईएस बायोमीट्रिक डाटा कैप्चरिंग इत्यादि अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी की गई, ताकि कोई अवांछित सामग्री अंदर न पहुंच सके। महिला परीक्षार्थियों को भी जांचने का काम किया गया।
परीक्षा सेंटर पर जांच के लिए अभ्यर्थियों की लगी लाइन। संवाद- फोटो : Narnol