अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। प्रदेश में महेंद्रगढ़ जिले के स्कूलों की पहचान अब स्टार से होगी। इसके तहत स्कूल के विषयावार प्रदर्शन पर उन्हें वन स्टार से लेकर सेवन स्टार स्कूल का दर्जा दिया जाएगा। इसको लेकर बुधवार को डीईओ कार्यालय में नारनौल व नांगल चौधरी ब्लॉक के शिक्षा अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें डीईओ ने सभी को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
डीईओ मुकेश कुमार लावनिया ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले से सक्षम योजना शुरू हुई थी। जिसका स्कूल शिक्षण कार्य अच्छा असर देखने को मिला है। अब प्रदेश के सभी ब्लॉक समक्ष होने की ओर बढ़ रहे हैं। अब महेंद्रगढ़ स्कूल स्टार योजना पर जुट गया है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब सरकारी स्कूलों की पहचान फाइव स्टार स्कूल के रूप में होगी। उन्होंने सभी बीईओ, एबीआरसी, कलस्टर हेड से कहा कि स्कूली शिक्षा पर केंद्रित होकर काम करे। जिससे की जिले सभी स्कूल छह स्टार बनाया जाए। डीईओ ने कहा कि इसके लिए टीचरों को क्लास में कमजोर बच्चों की पहचान कर एक स्तर पर लाने की जरूरत है। इससे जहां स्कूल में शैक्षिक स्तर बेहतर होगा। वहीं, बोर्ड का रिजल्ट बेहतर अच्छा होगा। दोनों ब्लॉकों में पांच-पांच नोडल अधिकारी के अलावा कलस्टर स्तर पर टीचरों को जिम्मेदारी सौंपी है। डीईओ ने कहा कि उन्हें यह आइडिया छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आया था। उन्होंने कहा कि इससे अभिभावकों में सरकारी स्कूल के प्रति इमेेज अच्छी होगी।
नौवीं से 12वीं तक लागू
स्कूल स्टार योजना कक्षा नौ से 12वीं तक लागू किया गया है। इसके तहत हर स्कूल विषयावार छात्रों के पठन पाठन पर ध्यान दिया जा रहा है। डीईओ ने सभी प्रिंसिपलों से कहा कि एक बेहतर प्रबंधक के रुप में स्कूल में शैक्षिक कार्य को कराए। इसमें टीचरों के साथ रोजाना शिक्षण कार्य पर चर्चा करे। यदि कोई टीचर किसी कार्यवश स्कूल नहीं पहुंचा तो क्लास ले। डीईओ ने कहा कि शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मंत्री की सोच है कि शिक्षा क्षेत्र में महेंद्रगढ़ के स्कूलों की अलग पहचान हो। इसलिए योजना को यहां से शुुरू किया गया है।
ऐसे मिलेंगे स्टार
योजना के अनुसार हर माह के 11 तारीख को नौंवी से 12वीं तक के बच्चों का असेसमेंट होगा। पेपर डायट को एजुकेशन क्लीनिक महेंद्रगढ़ से तैयार किया जाएगा। पेपर 10 तारीख को प्रिंसिपल के व्हाट्सएप भेजा जाएगा। सुबह टीचर ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख देंगे। कापी की जांच डायट के विशेषज्ञ करेंगे। इसके तहत क्लास 80 फीसदी बच्चों का नंबर 50 फीसदी से अधिक होने पर स्टार दिया जाएगा। एक विषय में एक स्टार, दो विषय में दो स्टार इसी प्रकार छह विषय में सिक्स स्टार का दर्जा मिल जाएगा। गेम्स या अन्य में अच्छा प्रदर्शन करने पर एक अतिरिक्त स्टार दिया जाएगा। स्कूल को स्टार घोषित करने से पहले उसकी जांच की जाएगी। इसके बाद स्टार का दर्जा दिया जाएगा। यह स्कूल के गेट, टीचर के आई कार्ड और स्कूल के लेटर हेड पर भी लिखा रहेगा कि उसका स्कूल थ्री स्टार या फाइव स्टार है।