न्यायमूर्ति मार्ग से उड़ रहे धूल के गुबार, लोग हो रहे लाचार
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। यहां के न्यायमूर्ति नरेश संघी मार्ग की हालत खराब होने के कारण इस मुख्य मार्ग पर रोड़ों और तारकोल की बजाय अब मिट्टी ही मिट्टी जमा हो गई है। इसके कारण अब दिन भर इस रोड पर धूल उड़ती रहती है। जिसके कारण इस मार्ग के दोनों तरफ रहने वाले दुकानदार परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर इस प्रकार रोड का सुधार नहीं किया गया व धूल उड़ती रही तो वे किसी ने किसी बीमारी का शिकार हो जाएंगे।
अधिकारियों की अनदेखी के कारण शहर के लोग धूल भरे माहौल में जीने को मजबूर हैं। टूटी सड़कों के कारण शहर में कई जगह ऐसे हालत बने हुए हैं। बारिश के बाद टूटी सड़कों में जमा मिट्टी के सूख जाने की वजह से रोडों पर ज्यादा धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के गुबार की वजह से लोगों का कई सड़कों पर चलना भी दूभर हो गया है।
न्यायमूर्ति नरेश संघी मार्ग पर है सबसे बुरा हाल
धूल मिट्टी उड़ने से हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि लोगों ने शहर के रोडों पर निकलना भी कम कर दिया है। रोडों पर उड़ने वाली धूल ने अब शहर को भी अपने आगोश में ले लिया है। शहर का कोई भी रोड हो धूल के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। धूल के कारण सबसे ज्यादा बुरा हाल न्यायमूर्ति नरेश संघी मार्ग का है।
दुकानदारों को हो रही ज्यादा परेशानी
धूल से सबसे ज्यादा परेशानी इन रोडों पर स्थित दुकानदारों को हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि पूरा दिन वाहनों की वजह से धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। इस वजह से उनकी दुकानों में रखा सामान भी खराब हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि पूरे दिन आसमान में धूल के गुबार छाए रहने से यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। उनका सारा सामान भी खराब हो जाता है। इस कारण उनको दिन में दो से तीन बार अपनी दुकानों की सफाई करनी पड़ती है। परचूनी और कन्फेक्शनरी के दुकानदारों का कहना है कि सबसे ज्यादा उनको नुकसान हो रहा है। उनके सामान पर धूल मिट्टी चढ़ जाती है। इससे वे काले हो गए हैं। इस कारण ग्राहक उनको पुराना सामान समझकर खरीद नहीं रहे और उनको भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं धूल के कारण लोगों को अनेक प्रकार के रोग भी हो रहे हैं।
बन रहे दमा और सांस के रोगी
पूरा दिन धूल भरे माहौल में रहने के कारण कई दुकानदार दमा और सांस के रोगी बनते जा रहे हैं। डॉ. रजनीश यादव और डॉ. गजराज यादव ने बताया कि धूल की वजह से दमा का रोगी बन सकता है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। धूल और प्रदूषण के कारण दमा और सांस के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इस रोड का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। यहां धूल उड़ने की समस्या बहुत पुरानी है। इससे परेशानी होती है। इस पर प्रशासन को ध्यान देकर इसका सुधार करना चाहिए।
-रमेश कुमार, दुकानदार
टूटे रोड के कारण समस्या हो रही है। इसका समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो लोगों के दमा और सांस की अन्य बीमारियां हो जाएंगी। कई दुकानदार पीड़ित भी हो गए हैं।
-कंवर सिंह भांखर, पूर्व पार्षद
दुकानदारों का टूटे रोडों से उड़ने वाली धूल के कारण सामान खराब हो जाता है। इससे उनको परेशानी है। रोड की मरम्मत की जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है।
-पिंटू, दुकानदार
यहां पर उड़ने वाली धूल की वजह से उनका सामान खराब हो रहा है। वहीं लोग भी इस ओर आना पसंद नहीं कर रहे। रोड पर पूरा दिन धूल उड़ती है।
-विरेंद्र सिंह, दुकानदार
इस मार्ग का जिम्मा अब एनएचआई पर है। उनको इस मार्ग को ठीक करने के लिए लिखा हुआ है। जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
-दर्शन सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, नारनौल