जैनपुर में बनेगा स्टोरेज प्लांट, ट्रीटेड पानी से होगी सिंचाई
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नवगठित नांगल चौधरी नगर पालिका में सीवर लाइन दबाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। इसके बाद गंदे पानी के स्टोरेज के लिए जैनपुर के नजदीक तीन एकड़ जमीन लीज पर ली गई है। स्वीकृत प्लांट में 30 लाख लीटर पानी स्टॉक होगा। इस पानी को शुद्ध कर इसका इस्तेमाल फसलों की सिंचाई में किया जाएगा।
बता दें कि 21 जनवरी 2013 को नांगल चौधरी नपा का गठन हुआ था। बीडीपीओ को प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त करने के बाद विकास कार्यों के एस्टिमेट बनाने प्रक्रिया आरंभ की गई तो लोगोें ने सीवर लाइन की मांग रखी। उन्होंने हलका विधायक डॉ. अभयसिंह यादव को ज्ञापन भी सौंपा था। विधायक की अध्यक्षता में 28 मई 2015 को नांगल चौधरी में विकास रैली हुई। इसमें सीएम मनोहरलाल मुख्य अतिथि थे। इस दौरान सीएम को मांगपत्र सौंपकर नांगल चौधरी में सीवर लाइन, अनाज मंडी निर्माण, पेयजल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आदि सुविधा उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई गई थी। सीएम की घोषणा के मुताबिक जनवरी 2016 में अधिकांश घोषणाओं का बजट स्वीकृत हो चुका था। करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन, पेयजल, सड़कों का पक्का करने आदि विकास चल रहे हैं। अगले महीने में सीवर लाइन का काम पूरा हो सकता है। इसके बाद गंदा पानी का स्टोरेज करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्वीकृत है। इसका निर्माण करीब सात करोड़ रुपये से कृष्णावती नदी के पास मंजूर है। इसके लिए सबसे पहले लूजोता पंचायत की जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन गिरदावरी में कब्जा किसान के नाम होने के कारण विभाग को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद नोलायजा के नजदीक नदी में ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर विचार किया गया। लेकिन, सीवर लाइन का ढलान नांगल चौधरी की तरफ हो चुका था। इस कारण विभाग को जैनपुर के आसपास जमीन तलाशनी पड़ी। पिछले महीने एक किसान से तीन एकड़ जमीन को 20 साल के लीज पर लिया गया है। अब अगले महीने टेंडर छोड़न की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सिंचाई की मिलेगी सुविधा, स्वच्छ रहेगा वातावरण
गंदे पानी का निकास ढलान के मुताबिक कृष्णावती नदी की ओर है। इसमें पानी डिस्पोजल संभव है। लेकिन, यहां से लोगों को बदबू की समस्या का सामना करना पड़ेगा। ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का शुद्धिकरण होगा। इसका फसल की सिंचाई में इस्तेमाल हो सकेगा। साथ ही पानी की बर्बादी पर अंकुश लगेगा और पर्यावरण शुद्ध रहेगा।
तीन ढाणियों में सीवर लाइन नहीं
सीवर लाइन के टेंडर में ढाणी जिंदड़, ढाणी ठाकरान, ढाणी बांधा वाली शामिल नहीं है। टेंडर के इंचार्ज अनिल कुमार के मुताबिक अगले 5-7 साल में कस्बे का विस्तार संभव है। विभिन्न कॉलोनियों को सीवर लाइन व्यवस्था जरूरत पड़ेगी। उस दौरान वंचित ढाणियों को टेंडर में शामिल कर लिया जाएगा। प्रथम चरण का टेंडर वर्क अंतिम चरण में है।
नपा का एकमात्र डिस्पोज प्वाइंट
विभाग ने सीवर लाइन के पानी निकासी का नक्शा बनाया गया है। इसके मुताबिक नपा अंतर्गत गांव और ढाणियों की पाइप लाइनों का कनेक्शन निजामपुर पर बड़े पाइपों से होगा। इससे गंदा पानी ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा। इसके लिए लेवल के मापदंड निर्धारित किए हैं, ताकि ओवरफ्लो की परेशानी नहीं रहे।
लीज का प्रस्ताव डीसी को भेजा
विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जैनपुर के नजदीक तीन एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसकी लीज का प्रस्ताव डीसी को भेजा है। मंजूरी के बाद टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निर्माण के बाद नांगल चौधरी नपा क्षेत्र में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।