फोटो नंबर- 14घर-घर जाकर लार्वा की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत : विभाग
नारनौल। जिले में बीते 10 दिनों में दो डेंगू से ग्रसित मरीज मिले हैं जिससे अब डेंगू के मरीजों की संख्या 6 हो गई है। बारिश के दौरान मच्छर जनित डेंगू व मलेरिया के संक्रमण की संभावना अधिक रहती है लेकिन मानसून सीजन शुरू होने से पहले डेंगू के बढ़ते संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
डेंगू के मरीजों का उपचार जारी है और सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। गत वर्ष जिले में डेंगू से ग्रसित 57 मरीज व मलेरिया से ग्रसित 2 मरीज मिले थे और अधिकतर मरीज मानसून के दौरान डेंगू व मलेरिया की चपेट में आए थे।
इसलिए मानसून सीजन शुरू होने से पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न टीमों का गठन किया गया है। जो जिले में घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। जिस स्थान पर लार्वा पाया जाता है उस क्षेत्र के आस-पास रहने वाले लोगों की जांच की जाती है। उस क्षेत्र में मच्छर रोधी दवा का छिड़काव भी किया जाता है।
निजी अस्पताल में डेंगू जांच के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित
डेंगू व मलेरिया की जांच नागरिक अस्पताल में निशुल्क की जाती है। वहीं जिले के निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी निजी अस्पतालों को निर्देश जारी किए गए हैं।
जून को मलेरिया रोधी दिवस के रूप में मनाया जा रहा जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर जागरूक शिविर का आयोजन किया जा रहा है। वहीं विभिन्न टीमों द्वारा घर-घर जाकर लार्वा की जांच की जा रही है। नागरिक अस्पताल में डेंगू व मलेरिया की जांच व उपचार के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। आमजन से अपील है कि घर व आस-पास क्षेत्र में सफाई रखें और पानी जमा नहीं होने दें ताकि मच्छर जनित बीमारियों की संभावना को कम किया जा सके।
- डॉ. मनीष यादव, डीएमओ, नागरिक अस्पताल, नारनौल।