नारनौल-चरखी दादरी मार्ग पर रविवार को आकोदा पुलिस चौकी इंचार्ज कृपाल सिंह ने वाहन चेकिंग के दौरान एक पिकअप गाड़ी को पकड़ा जिसमें बेशकीमती लकड़ियां लदी हुईं थी। लकड़ियों को छुपाने के लिए उनको प्लास्टिक के तिरपाल में छुपाया गया था। जांच के दौरान गाड़ी का चालक पुलिस को इन लकड़ियों का कोई बिल आदि नहीं दिखा सका। चालक यह भी नहीं बता सका कि इन लकड़ियों को उतारना कहां है। इससे पुलिस का शक हुआ और वह वाहन को थाने ले गई।
पूछताछ के बाद पिकअप चालक सतीश गांव नांदा निवासी (भिवानी) ने पुलिस को बताया कि वह लकड़ियां सुनील गांव चिनाणी निवासी (चरखी दादरी) के घर से लाया है और उसे कनीना में किसी व्यक्ति को देनी थी। उसने बताया कि लकड़ी भेजने वाले ने उसे यह नहीं बताया कि कनीना में ये लकड़ियां किस आदमी को सौंपना है। उसने बताया कि सुनील ने उसे कहा था कि कनीना में लकड़ियां लेने वाला उससे स्वयं संपर्क कर लेगा।
पुलिस के अनुसार इन चन्दननुमा बेश-कीमती लकड़ियों का वजन लगभग 6 क्ंिवटल है और इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लकड़ियों के नमूने देहरादून की प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। फिलहाल पुलिस ने इस मामलेे में चालक व उसके साथ पकड़े गए बिजेन्द्र के विरुद्घ चोरी का माल रखने का मामला दर्ज कर लिया है।