अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। पुरानी अनाज मंडी नारनौल में तीसरे दिन सरसों की आवक अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। इससे मंडी में अव्यवस्था का आलम रहा। सरसों में नमी मात्रा अधिक होने पर किसानों को कुछ देर के लिए सुखाना पड़ा। इससे मंडी में जगह समस्या आ रही है। इससे किसान के साथ आढ़ती भी परेशान रहे।
बता दें कि सरकार ने पुरानी मंडी में जगह कम होने के कारण नांगल चौधरी रोड पर नई आनाज मंडी करीब 65 एकड़ में बनवाई है। यहां पर पर्याप्त जगह होने से किसानों व आढ़तियों को राहत मिलती है। दूसरा शहर के बाहर होने के कारण जाम की समस्या से भी किसानों और आम लोगों को राहत मिलती है। पिछले साल बाजरे की खरीद नई अनाज मंडी में हुई थी। करीब एक सप्ताह के बाद कुछ आढ़तियों के विरोध के कारण खरीद कार्य को पुरानी में मंडी में कराना पड़ा। इस बार भी कमेटी ने नई मंडी में सरसों की खरीद कराने का मन बनाया था। लेकिन, पिछली बार के आढ़तियों के विरोध के कारण प्रशासन जोखिम नहीं उठाया। मंडी में 28 मार्च से सरसों की खरीद कार्य शुरू हो चुका है। शुरूआत के दो दिन तक कम सरसों लेकर किसान पहुंचे थे। शनिवार को काफी संख्या में किसान मंडी पहुंचे। ऐसे में उन्हें ट्रैक्टर-ट्राली को खड़ा करने और सरसों बेचने में परेशानी हुई। किसानों का कहना है कि सरकार उनका ख्याल नहीं रख रही है। नई अनाज मंडी में जगह अधिक होने से वाहन खड़ा करने और सरसों की नमी को सुखाने में राहत मिलती। वहीं आढ़तियों ने बताया कि अभी मंडी में कम अनाज की आवक हुई है क्यों किसान फसल काटने में लगे हुए हैं। जल्द ही सरसों, गेहूं के साथ चना लेकर किसान मंडी में आएंगे। ऐसे में कम जगह होने से किसानों के साथ उन्हें भी परेशानी होगी। द खाद्यान्न एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने कहा सरसों में नमी होने के कारण किसानों को उसे सुखाने में समस्या आ रही है। दूसरी ओर पहले का माल नहीं उठ सका है। ऐसे में प्रशासन को इन समस्याओं की ओर ध्यान देना चाहिए।
लोगों से बातचीत
सरकार को नई अनाज मंडी में खरीद कार्य करना चाहिए था। लेकिन, पुरानी मंडी में यह कार्य होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मंडी में सरसों रखने तक की जगह नहीं है। इसके अलावा किसानों के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
- विरेंद्र नंबरदार, रघुनाथपुरा।
मंडी में जगह कम होने से वाहनों के पार्क करने में परेशानी आ रही है। अभी सरसों में नमी होने के कारण उन्हें सुखाना पड़ रहा है। ऐसे में सरसों से वाहन और लोग जा रहे हैं। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
- रामबिलास, किसान।
पुरानी मंडी में अव्यवस्थाओं का भरमार है। किसानों के बैठने तक के इंतजाम नहीं है। उन्हें आढ़तियों के पास शरण लेनी पड़ रही है। जब पुरानी मंडी में खरीद होना है तो नई मंडी पर करोड़ों रुपये क्यों खर्च किए गए। प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है।
- रमेश कुमार, डीपीई।
पुरानी मंडी में जगह की समस्या है। इससे किसान और आढ़ती दोनों को परेशानी होती है। अभी मंडी में सरसों की आवक बढ़ेगी। ऐसे में मंडी में जगह की समस्या खड़ी हो जाएगी। बेहतर होगा कि नई मंडी में सरसों व गेहूं की खरीद हो। नांगल चौधरी मंडी शहर से बाहर है और पर्याप्त जगह है।
- महेश कुमार, कारोबारी।