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सीएसडी कैंटीन में पूर्व सौनिकों को अंगूठा लगाने के बाद मिलेगा सामान

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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सीएसडी कैंटीन में सामान लेने के लिए पूर्व सैनिकों को अंगूठा लगाना होगा। इसके बाद ही उन्हें सामान मिल पाएगी। इसके लिए सेना की ओर से सीएसडी कैंटीन में बायोमिट्रिक मशीन लगाई जाएगी। यह बात सेना के हिसार रेंज के अधिकारी ले. कर्नल धीरज पहल ने कही। वे सोमवार को नारनौल स्थित सैनिक बोर्ड कैंपस में पूर्व सैनिकों की समस्याओं को सुन रहे थे।
सुनवाई के दौरान एक पूर्व सौनिक ने सीएसडी कैंटीन के बारे में प्रश्न उठाया। पूर्व सैनिक ने कहा कि कैंटीन में खुल्ले पैसे न होने का हवाला देकर दो से पांच रुपये तक रख लिए जाते हैं। इस पर लेफ्टिनेंट कर्नल धीरज ने कहा कि कैंटीन में खुल्ले पैसे देने का इंतजाम उन्हें करना है। किसी सैनिक से इस प्रकार पैसे लिया नहीं जा सकता। इस बारे में वह कैंटीन के मैनेजर से बात करेंगे। इसके बाद उन्होंने पूर्व सैनिकों को सलाह दी है कि पैसे का भुगतान ऑनलाइन डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इससे उन्हें खुल्ले की समस्या से नहीं जूझना होगा। इसी दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल धीरज ने कहा कि सभी कैंटीन में बायोमीट्रिक सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे के कार्ड पर कैंटीन में सामान लेने वाली समस्याओं का समाधान हो जाएगा। जिसका कार्ड होगा वहीं अंगूठा लगाकर सामान ले सकेगा। इस काम की शुरुआत अन्य जगहों पर हो चुकी है। इसके अलावा लोगों ने अपनी पेंशन कम मिलने की भी शिकायत रखी।
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पेंशन अदालत 165 शिकायतों में से 120 हुई पूरी
जिला सैनिक बोर्ड कैंपस में सोमवार को पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। सेना के अधिकारी ने बताया कि पेंशन अदालत में 165 शिकायतों आई जिसमें 45 केस अग्रिम कार्यवाही के लिए रखे। इसी दौरान 120 केस में पूर्व सैनिकों को जानकारी दी गई। इस दौरान सामान्य केस डीपीडीओ, इसीएचएस, बैंक अधिकारी, सचिव जिला सैनिक बोर्ड नारनौल व हिसार कैंट की टीम की मदद से मौके पर ही निपटा दिए गए। अधिकारी ने पूर्व सैनिकों, विधवाओं, वीर नारियों और उनके आश्रितों को संबोधित करते हुए बताया कि पूर्व सैनिकों ने सेना में रहते हुए देश की सेवा के लिए अपनी जवानी न्यौछावर की है। हमें अपने पूर्व सैनिकों पर नाज है। ऐसे में हम सेवारत सैनिकों का भी कर्तव्य बनता है कि हम उनके कल्याण का ध्यान रखें। उनकी किसी भी प्रकार की परेशानी को हल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर ले. कर्नल धीरज पहल व मयंक तिवारी, मेजर भूवन शाह, कैंपन अश्वनी कुमार, सूबेदार राजबीर सिंह, ए. त्रिपाठी, दलीप सिंह, र्क्लक भवानी सिंह व रविंद्र सिंह के अलावा जिले के अधिकारी, सैन्य अधिकारी, डीपीओ, इसीएचएस, बैंक अधिकारी, जिला सैनिक बोर्ड कर्मचारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, विधवाएं व उनके आश्रित उपस्थित थे। इस दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें 60 पूर्व सैनिकों की जांच की गई।

रिटायार्ड नायब सूबेदार से हवलदार का कार्ड बना दिया
सेना से नायब सूबेदार पद से रिटायर हुआ था। इसी अनुसार उनका सीएसडी कार्ड बना था लेकिन रिन्यू करते वक्त दोबारा से हवलदार का कार्ड बना दिया गया। इससे उन्हें सामान कम मिलने लगा। शिकायत पर अधिकारियों ने समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
- बाबू लाल, पूर्व सैनिक
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वन रैंक वन पेंशन के अनुसार नहीं मिल रही पेंशन
वन रैंक वन पेंशन के अनुसार उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। इससे उन्हें हर माह नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिकारियों को इससे संबंधित कागजात उपलब्ध करा दिया है।
पूर्व सैनिक की पत्नी, सरस्वती
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सरकार द्वारा लागू वन रैंक वन पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिकायत कैंप में इस बात को रखा है। अधिकारियों ने कागजात ले लिए हैं। जिला स्तर पर समाधान नहीं हो पा रहा था।
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पूर्व सैनिक की पत्नी किताबो देवी
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नहीं हुआ समस्या का समाधान
सेना में लड़ाई के दौरान हाथ में गोली लगने से विकलांग श्रेणी में आ गया था। इसका अभी तक लाभ नहीं मिला है। दूसरा दो बेटियों की शादी पर सेना से 75 हजार रुपये मिलने थे लेकिन दस हजार मिले। समस्या का समाधान नहीं हुआ है। 20 साल से लड़ाई लड़ रहा हूं।
-चंद्रभान, पूर्व सौनिक
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