अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। युवा एवं खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए जिले में 14 खेल नर्सरियां खोली गई हैं। लेकिन छह माह समय बीतने के बावजूद भी इन खेल नर्सरियां में खिलाड़ियों के लिए खेल सामान तक नहीं पहुंचा है। ऐसे में युवा एवं खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों को तराशने के लिए तैयार की गई योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ रही है। इन खेल नर्सरियों में एक लाख रुपये का खेल सामान व अन्य उपकरण उपलब्ध करवाएं जाने थे। परंतु खेल नर्सरियों की शुरूआत से लेकर अब तक खेल सामान उपलब्ध नहीं करवाया गया है। यही नहीं इन खेल नर्सरियों तैनात कोचों को भी जनवरी से अब तक वेतन नहीं मिल पाया है।
उल्लेखनीय है कि युवा एवं खेल विभाग ने वर्ष 2016 में स्पैट योजना के कुछ नियम बदलकर इसे योजना को स्पीड का नाम दे दिया गया। परंतु इस पूरे वर्ष नर्सरियों के नाम भी तय नहीं हो पाए। वर्ष 2017 की शुरुआत में युवा एवं खेल विभाग ने स्पीड (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एक्सरसाइजेज इवेलुएशन एंड डेवलपमेंट) नर्सरियों के आवेदन मांगे गए। इसके बाद अप्रैल में स्पीड नर्सरियों की जिला अनुसार सूची जारी की गई। इस सूची में जिला महेंद्रगढ़ को 9 खेलों से संबंधित 14 खेल नर्सरियां खोलने की मंजूरी मिली। प्रत्येक खेल नर्सरी में प्रशिक्षण के लिए 25 खिलाड़ी निर्धारित किए। इन खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना था। खेल विभाग द्वारा निर्धारित शेडयूल अनुसार 2017 जुलाई में ब्लॉक लेवल और जिला स्तर पर स्पीड टेस्ट करवाए गए। विभाग द्वारा खिलाड़ी के संबंधित प्रतियोगिता के आए अंक दर्शाते हुए पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने के बाद 19 से 20 जुलाई तक फाइनल रिजल्ट घोषित करने की बात कही गई थी। परंतु युवा एवं खेल विभाग द्वारा नवंबर माह में खिलाड़ियों के स्पीड परिणाम घोषित किए। दिसंबर 2017 को जिले में निर्धारित खेल नर्सरियों में कोच तैनात कर इनकी शुरूआत की गई।
खेल सामान खरीदने के लिए ढूंढे जा रहे कारण
जिला महेंद्रगढ़ खोली गई 14 खेल नर्सरियों में एक-एक लाख रुपये का खेल सामान पहुंचना था, लेकिन वह खेल सामान अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके पीछे विभाग अब कारण ढूंढने लग रहा है, क्योंकि किसी गेम का सामान एक लाख कीमत से कम का आता है तो किसी गेम का सामान एक लाख से अधिक का आता है। जैसे आर्चरी का सामान सबसे महंगा है। वहीं कबड्डी का मैट की कीमत भी एक लाख रुपये के करीब है। ऐसे में खेल विभाग द्वारा बिना प्लानिंग के घोषित की गई योजना में विभाग अब स्वयं ही उलझता जा रहा है।
खिलाड़ियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
स्पीड टेस्ट के सफल प्रतिभागियों को नर्सरियों में खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा 8 से 14 साल तक के खिलाड़ी को 1500 रुपये, 15 से 19 साल तक के खिलाड़ी को दो हजार रुपये प्रतिमाह आहार भत्ते के लिए दिए जाएंगे। स्पीड टेस्ट के लिए सफल प्रतिभागी को हर माह कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लेना होगा। तभी वे छात्रवृत्ति के हकदार माने जाएंगे।
जिले में 14 जगह पर मंजूर खेल नर्सरी
एथलेटिक्स : लड़कों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मालड़ावास और लड़की के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोता
बाक्सिंग: लड़कों के लिए श्रीकृष्णा स्कूल तुलाराम चौक महेंद्रगढ़
फुटबाल: लड़कों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना
हैंडबाल: लड़कों के लिए नालंदा विद्या निकेतन डालनवास व लड़कियों के लिए आरोही मॉडल स्कूल मंढाणा
हॉकी: लड़कों के लिए एमआर स्कूल मित्रपुरा व लड़कियों के लिए एमडी विद्या निकेतन स्कूल दुबलाना
कबड्डी: लड़कों के लिए यदुवंशी स्कूल महेंद्रगढ़ व लड़कियों के लिए राजकीय स्कूल दौचाना
वॉलीबॉल: लड़कों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आजमबाद मौखुता व लड़कियों के लिए स्वामी विवेकानंद स्कूल महरमपुर
कुश्ती: लड़कों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बाघोत व लड़कियों के लिए हरियाणा इंटरनेशनल स्पोर्ट स्कूल सलूनी
आर्चरी: लड़का व लड़की दोनों के लिए सरस्वती स्कूल पुल बाजार में निर्धारित की गई थी, लेकिन स्कूल में जगह नहीं होने के कारण यह नर्सरी स्थगित कर दी है।
जिले में 9 खेलों के लिए 14 खेल नर्सरियां खोली गई है। खेल नर्सरियों में सामान के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। खेल सामान नहीं पहुंचने तक खिलाड़ियों को शारीरिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-जयसिंह पिलानियां, जिला युवा एवं खेल अधिकारी नारनौल