अमर उजाला ब्यूरो
महेन्द्रगढ़। आर्य समाज के वार्षिक समारोह के तत्वावधान में आर्य महासम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस अवसर पर आर्य भजन उपदेशकों ने आर्य समाज एवं महर्षि दयानंद के विचारों से जुड़े भजन सुनाए। कार्यक्रम में लोकतंत्र सुरक्षा मंच की युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हरियाणा युवा यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रमेश नाव पायलट मुख्य अतिथि थे। उन्होेंने कहा कि 142 वर्ष पूर्व महर्षि दयानंद ने समाज में फैले पाखंड और अंधविश्वास को समाप्त करने के लिए आर्य समाज की स्थापना की थी। साथ ही सत्यार्थ और प्रकाश की रचना की। आर्य समाज की पाखंड और अंधविश्वास को समाप्त करने में अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि इन वर्षों में एक नए भारत को निर्माण होना चाहिए था, लेकिन विकास के साथ इस दौरान पाखंडी, व्यभचारी और व्यापारी बाबाओं का भी विकास हुआ। हम बैलगाड़ी से चलकर हवाई जहाज तक पहुंच गए, तीर-कमान से लेकर मिसाइल तक बना डाली, लेकिन बड़े-बड़े विश्वविद्यालय से शिक्षित होकर भी पाखंड और अंधविश्वास को बढ़ावा देते रहे। अब स्वामी दयानंद के दिखाए रास्ते के अनुसार लोगों को जागरूक करें और एक नए भारत का निर्माण करने में अपना योगदान दें। इस अवसर पर रमेश पालयट ने आर्य समाज के वार्षिक सम्मेलन पर 11,000 रुपये दान स्वरूप भेंट किए।
आर्य समाज के प्रधान स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती ने रमेश राव पायलट को पुस्तक भेंट की। समारोह में आर्य समाज के विद्या सागर, मंत्री बीर सिंह मेघनवास, रमेश बोहरा एडवोकेट, धर्मबीर झूक, बहादुर सिंह थानेदार, संजय राव रिवासा, गुगन सिंह बचीनी, ब्रहमदेव आर्य, वेदपाल बीईओ आदि मौजूद थे।