नारनौल। शहर में हुई चेन स्नेचिंग के मामले में सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने दिल्ली निवासी आरोपी आकाश अवस्थी को दोष सिद्ध करते हुए उसे पांच साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोष सिद्ध आकाश के खिलाफ पहले से इस तरह के 16 मामले दर्ज हैं। दिल्ली में उसके खिलाफ चौदह से अधिक मामले लंबित हैं। अभी वह तिहाड़ जेल में बंद है।
16 जून 2024 को सेक्टर-1 में एक महिला सुबह सैर से लौट रही थीं। इसी दौरान एक निजी अस्पताल के पास स्कूटी सवार युवक ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और भाग गया। इस दौरान महिला को हल्की चोट भी आई थी।
मामले में सिटी थाना नारनौल पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी की गतिविधि सामने आई। आरोपी की निशानदेही पर उसके दिल्ली स्थित घर से वारदात में प्रयुक्त स्कूटी और छीनी गई सोने की चेन बरामद की गई। पीड़िता ने कोर्ट में आरोपी की पहचान की।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कई दलीलें दीं जिन्हें अदालत ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और बरामदगी से आरोपी के खिलाफ आरोप साबित होते हैं। मामूली विरोधाभासों को आधार बनाकर पूरे मामले को खारिज नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा कि चेन स्नेचिंग जैसे अपराध बढ़ रहे हैं, इसलिए सख्त सजा देनी जरूरी है। आरोपी पहले से कई मामलों में शामिल है। इस कारण उसे प्रोबेशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।
आरोपी पहले से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सजा के अनुसार उसे जेल में रखा जाए। जांच और ट्रायल के दौरान बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।