नारनौल। शहर के समीपवर्ती गांव पटीकरा में उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा चल रहे सात दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय एनएसएस कैंप के दूसरे दिन रविवार को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
शिविर का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी अलका ने किया और अध्यक्षता पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह ने की। सुबह के सत्र में स्वयंसेवकों ने योगाभ्यास किया। उसके पश्चात कार्यक्रम अधिकारी धर्म सिंह ने एनएसएस की उपयोगिता व एनएसएस में स्वयंसेवकों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।
इसमें उन्होंने एनएसएस दिवस, आदर्श वाक्य, प्रतीक चिह्न, एनएसएस की गतिविधियों, विशेष शिविरों व सेवा योजना के उद्देश्यों के बारे में बताया। इसके पश्चात प्रमुख समाजसेवी टेक चंद ने प्राथमिक उपचार के विषय में बताया कि किस प्रकार किसी घायल या दुर्घटनाग्रस्त लोगों की प्राथमिक उपचार करके समय पर अस्पताल पहुंचकर उनके जीवन को बचाया जा सकता है।
उन्होंने सीआरपी, पट्टी बांधना, रक्त को रोकना, नाड़ी चेक करना, बेहोश की देखभाल व टूटी हड्डी की देखभाल के बारे में विस्तार से बताया। दोपहर बाद के सत्र में पर्यावरण संरक्षण व्याख्यान हुआ, जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी अलका ने कहा कि एनएसएस कैंप स्वयंसेवकों को समुदाय व समाज सेवा के भाव से सेवा के लिए प्रेरित करता है।
इस योजना से युवाओं में नेतृत्व, सामूहिक एकता व सेवा भाव जागृत होते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को समुदाय से जोड़ने के लिए कहा। पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह ने कहा कि आज युवाओं में जिम्मेदारी की भावना कम होती जा रही है। युवा नशे की ओर अग्रसर हो रहे हैं। अंत में जिला एनएसएस समन्वयक चरण सिंह बडेसरा ने एनएसएस गतिविधियों के बारे में बताया। इस अवसर पर हसला पूर्व प्रधान वीर सिंह, प्राचार्य अनंत कुमार, उपप्राचार्य नरेश कुमार ने स्वयं सेवकों को अनुशासन के बारे में बताया।