नोटबंदी को 43 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी भी बैंकों में कैश के हालात में सुधार नहीं हो पा रहा है, उपभोक्ताओं की संख्या अवश्य कम हो गई लेकिन कैश में बढ़ोतरी अभी भी नहीं हुई। बुधवार को भी बैंकों में कैश की समस्या बरकरार रही। किसी बैंक में 2 हजार तो किसी में 4 हजार रुपये प्रति उपभोक्ता को दिए गए। लंच के बाद वो भी खत्म हो गए। लंच के बाद बैंक के बाहर कैश नहीं होने का नोटिस लगा दिया। सैकड़ों उपभोक्ताओं को बिना कैश ही वापस लौटना पड़ा। सांय होते-होते सभी बैंकों में कैश खत्म हो गया था केवल पंजाब नेशनल बैंक में शाम तक 4 हजार रुपये प्रति उपभोक्ता दिए जा रहे थे। एटीएम की बात की जाए तो उनमें कैश भरा नहीं जाता। जिससे उपभोक्ता देखकर ही वापस चले जाते हैं।
बुजुर्ग हुआ बेहोश
मंगलवार के मुकाबले बुधवार को बैंकों में भीड़ अधिक थी सुबह के समय बैंकों के बाहर उपभोक्ताओेें कीलंबी कतारें लगी हुई थीं। भीड़ होने के कारण बैंकों के अंदर सफोकेशन हो गया जिससे एक बुजुर्ग चक्कर खाकर गिर गया और वह बेहोश गया। बुुजुर्ग बीमार महेंद्रगढ़ निवासी बुजुर्ग को उसके परिजन तुरंत ऑटो से सिविल अस्पतल लेकर गए उसका चिकित्सक से ईलाज करवाया।
औसत 600 उपभोक्ता प्रति बैंक रोज ले रहे हैं कैश
शहर के पटियाला, पंजाब एवं एसबीआई तीनों ही बैंक बड़े बैंक माने जाते हैं। इन बैंकों से अभी भी 600 उपभोक्ता प्रति बैंक से कैश प्रतिदिन ले जा रहे हैं। ओबीसी, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंकों में 300 से 350 उपभोक्ता कैश लेने आने रहे हैं। इसके अलावा निजी बैंक एचडीएफसी, कोटेक महेंद्रा आदि में भी 300 के करीब उपभोक्ता कैश लेने आ रहे हैं। यानी अभी भी 3 से 4 हजार लोग हर रोज कैश के लिए लाइन में खड़े रहते हैं। डिजिटल भुगतान की बाजार में सुविधा होने के बाद भी कैश खुमारी लोगों के चढ़ी है।
बैंक ने लगाया नो कैश का बोर्ड
नोटबंदी के बाद से कैश की मारामारी खत्म होने का नाम नहीं नहीं ले रही। बहुत से बैंकों में लंच से पहले ही कैश खत्म हो गया था जबकि एक या दो बैंकों में शाम तक कैश बंट रहा था। बुधवार को पटियाला बैंक में उपभोक्ता की जरुरत अनुसार राशि दी जा रही थी लेकिन 2 बजे बैंक का कैश खत्म हो गया था उसके लिए बैंक में कैश नहीं होने का बाहर नोटिस भी लगा दिया था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का भी कुछ यही हाल था बैंक में मात्र 4 हजार रुपये की राशि दी जा रही थी वह 2 बजे तक खत्म हो गई थी। ओबीसी बैंक में 2 हजा रुपये की राशि प्रति उपभोक्ता को दी जा रही थी वह 2 बजे तक खत्म हो गई। पंजाब नेशनल बैंक में सायं 4 बजे तक उपभोक्ताओं को 4-4 हजार रुपये दिए जा रहे थे।
मेरी पत्नी बीमार चल रही है। उसका पित की थैली का ऑपरेशन होना है अस्पताल में वह एडमिट है। बैंक वाले 2 हजार रुपये ही दे रहे हैं इससे काफी परेशानी हो रही है, ऐसे में इलाज के लिए रुपयों की व्यवस्था करने में दिक्कत आ रही है। -बाबुलाल
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मैं प्रतिदिन बैंक के बाहर लाइन में खड़ा हो रहा हूं, कल बैंक में कैश नहीं था आज कैश आया तो 2 हजार रुपये दे रहे हैं, अभी नंबर आया भी नहीं है। नंबर आने तक कैश मिलेगा भी या नहीं इसका भी कुछ नहीं पता। -सुनील तंवर