अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल/महेंद्रगढ़। जिले में बुधवार को हुई बारिश से खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल व मंडी में सरसों के बैग भीगने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। जिले में करीब आधा दर्जन गांवों में ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों में 10-15 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका है। जिले में 23400 हेक्टेयर में गेहूं व सरसों की 72100 हेक्टेयर में बिजाई की गई थी। अभी गेहूं की आवक मंडी कम होने से इसके अधिक नुकसान होने की आशंका है।
बुधवार की शाम आई तेज हवा और बरसात के बाद खेतों से लेकर मंडी तक हर जगह किसानों की फसल में नुकसान हुआ है। जिले के करीब आधा दर्जन गांवों ओले भी गिरे हैं। कटी हुई गेहूं की फसल में भी नुकसान का अनुमान है। खेतों में कटाई के बाद पड़ी सरसों की फसल को बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा। नारनौल में बारिश के साथ गांव रघुनाथपुरा, गहली व हमींदपुर समेत अन्य अन्य गांवों में हल्के ओले गिरे। वहीं, महेंद्रगढ़ में मांडोला, उष्मापुर, राजावास में ओले गिरे हैं। दूसरी ओर मंगलवार को आंधी व बारिश से कई हिस्सों में बिजली गुल होने की समस्या रही।
एसडीओ नारनौल बताया कि बारिश के कारण कई जगहों पर फाल्ट आया। जिसे एक घंटे में ठीक कराकर बिजली सेवा को बहाल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को कोई बड़ा फाल्ट नहीं आया। दूसरी ओर बारिश से लोगों को जल भराव की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं नारनौल अनाज मंडी में करीब दो हजार से सरसों के बैग पानी में भीग गए। वहीं, अन्य मंडियों से स्टोर के लिए आया गेहूं भी पानी से भीग गया।
उठान न होने से भीगी सरसों
मंडी अटेली। बारिश के कारण मंडी में लगी सरसों भीग गई। मंगलवार तक सरकारी खरीद एजेंसी द्वारा एक लाख तीस हजार सरसों की बोरियां खरीदी गई। सरसों का उठान धीमा होने के कारण अनाजमंडी में ढेर लगा रहा। बरसात के कारण खुले आसमान में सरसों की बैगों की ढेरियां भीग गई। एजेंसी की ओर से नाम मात्र 10 -12 ढेरियों पर ही तिरपाल ढके।
बारिश के चलते नहीं हुई खरीद, सरसों की ढेरियां भीगी
नांगल चौधरी। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से पल-पल बदल रहे मौसम के मिजाज व तेज हवाओं के साथ हो रही बरसात से किसानों को काफी चिंता सताने लगी है। दो दिन से बदल रहे मौसम के कारण किसान वर्ग गेहूं की फसलों की कटाई को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित नजर आ रहे है। क्षेत्र के किसान सरसों व चने की फसलों की कटाई के बाद पीला सोना कहे जानी वाली गेहूं की फसलों की कटाई में जुटे हुए है।
किसानों का कहना है कि मौसम के बिगड़तेे मिजाज के डर के चलते किसान तेज धूप में गेहूं फसल कटाई का कार्य कर रहे है। दो दिनों से तेज हवाओं के साथ हो रही बरसात से किसानों का फसल कटाई का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। जिससे फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। बारिश होने से मंडी में तुलाई के बाद लगाए गए चट्टे भीग गए, जिससे सरसों खराब होने की संभावना बढ़ गई। नांगल चौधरी अनाज मंडी में चल रही सरसों खरीद प्रक्रिया खराब मौसम के कारण बुधवार को बंद रही। बुधवार को हुए उठान के दौरान सरसों के करीब दस हजार बैग का उठान हो सका। खरीद इंस्पेक्टर राजेश कुमार व सहायक जगदीश यादव ने बताया कि नांगल चौधरी अनाज मंडी में बुधवार को हुई बरसात के कारण सरसों की खरीद नहीं हो सकी।