अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
हैफेड गोदाम पर सरसों खरीद के आखिरी दिन किसानों ने दस्तावेज चेक करने को लेकर परचेजर एवं हैफेड इंचार्ज का घेराव किया। किसानों एवं हैफेड कर्मचारियों की काफी कहासुनी के समय परचेजर एवं इंचार्ज तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गए। इससे लगभग तीन घंटे सरसों की खरीद प्रभावित हुई। अस्पताल से उपचार लेने के बाद लगभग 2 बजे वापस सरसों की खरीद शुरू कर दी गई। इससे पूर्व कर्मचारियों ने इसकी सूचना अपने उच्च अधिकारियों को दी और थाना प्रभारी नवल किशोर से पुलिस सहायता मांगी। मौके पर पुलिस की ओर से गोदाम पर एक होम गार्ड भेज दिया गया। लगभग 2 बजे दोनों कर्मचारियों ने गोदाम पहुंचकर खरीद शुरू की गई।
सरकार के आदेशानुसार सरसों की खरीद का बृहस्पतिवार को आखिरी दिन था। अंतिम दिन किसानों की भारी भीड़ रही। परचेजर शुभराम ने बताया कि अंतिम दिन राजावास, राठीवास, भांडोर ऊंची, बसई, लावन आदि गांवों का शेड्यूल था। गोदाम पर सुबह 9 बजे उन्होंने सरसों की खरीद शुरू कर दी थी। सरसों की खरीद के समय किसानों के दस्तावेज चेक किए जा रहे थे। जब राजावास के किसानों का नंबर आया तो उन्होंने दस्तावेज दिखाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वो दस्तावेज नहीं दिखाएंगे चाहे खरीद बंद कर दें। इतनी देर में राजवास के 10-15 किसानों ने आकर उसे घेर लिया। जब वह ऑफिस में जाकर बैठा तो वहां भी किसानों ने उसे घेर लिया। कुछ समय बाद तबीयत खराब हो गई और वह इंचार्ज से पूछकर अस्पताल आ गया। इसके बाद उन्हीं किसानों ने उन हैफेड इंचार्ज जगराम यादव को भी घेर लिया और उनकी भी तबीयत खराब हो गई थी। वो भी अस्तपाल आ गए थे जहां दोनों ने गलुकोस भी चढ़वाई है। इसके बाद 2 बजे उन्होंने परचेज दोबारा से शुरू कर दी।
अंतिम दिन कनीना रोड पर रही जाम की स्थिति
बता दें कि बृहस्पतिवार को सरसों की खरीद का अंतिम दिन था। अंतिम दिन होने के कारण रात को ही किसान गोदाम के बाहर सड़कों पर अपने वाहन के साथ पहुंच गए थे। किसानों की फसलों के ट्रैक्टर, पिकअप आदि वाहनों की हैफेड गोदाम से लेकर माजरा चुंगी से आगे तक लाइन लगी हुई थी। सुबह आठ बजे स्कूल समय होने के कारण माजरा चुंगी पर जाम की स्थिति बन गई। इससे विद्यार्थियों, कार्यालय में जा रहे कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आज से हुई खरीद बंद
हैफेड इंचार्ज जगराम यादव ने बताया कि किसानों की खरीद देर शाम तक चल ही रही है। लगभग 300 से अधिक किसानों की खरीद होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जो किसान अपनी सरसों यहां बेचने आए हैं उन सबकी सरसों खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि आज से सरसों की खरीद का अंतिम दिन था। ऊपरी आदेश आने तक कल सरसों की खरीद नहीं की जाएगी।
वर्जन:
उनकी तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में गए थे। वहां पर ईलाज करवाने के बाद दोबारा से सरसों की खरीद शुरू की थी। अगर किसान बहाने बाजी का आरोप लगा रहे हैं तो वो गलत कह रहे हैं। किसी आदमी के दिक्कत होने पर ही अस्पताल जाता है।
-जगराम यादव, इंचार्ज हैफेड