हकेंविवि में किया जा रहा अवैध खनन, कुछ पेड़ गिरे तो कुछ गिरने की कगार पर
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में नित नाए कारनामे सामने आ रहे हैं। पेड़ों की अवैध कटाई तथा भूमिगत जल का दोहन निर्माण कार्य में किए जाने के बाद अब अवैध खनन का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय में धड़ल्ले से मिट्टी की खुदाई कर निर्माण कार्यों में लगाया जा रहा है। खुुुदाई से कुछ पेड़ गिर चुके हैं तो कुछ गिरने की कगार पर हैं। मिट्टी की खुदाई 15 से 20 फीट तक की गई है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में बिल्डिंग बनाया जा रहा है। इस भवन के लिए पास में ही मिट्टी की खुदाई की जारी है। लगभग आधे एकड़ भूमि पर 10 से 15 फिट की ऊंचाई वाले टिब्बों को जेसीबी से ढहाए गए हैं। खुदाई के चलते कई पेड़ गिर कर नष्ट हो चुके तो कई गिरने के कगार पर हैं। इसके अलावा जमीन से नीचे भी सरकारी मापदंड से अधिक की खुदाई की गई है। इस मिट्टी का प्रयोग वहीं एडमिनिस्टेशन ब्लॉक में किया जा रहा है। विश्वविद्यालय कैंपस में आस-पास यहां तक कि विश्वविद्यालय के लिए जमीन देने वाले जाट और पाली गांवों के लोगों को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाता। इससे यहां होने वाले अधिकतर गोरखधंधों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। गत दिनों पाली निवासी कैलाश ने कैंपस में बिना वन विभाग की इजाजत के 48 हरे पेड़ जेसीबी से उखाड़े जाने का पर्दाफाश किया था। इसके अलावा डार्क जोन होने के बावजूद कैंपस में कई बोर करके भूमिगत जल का दोहन निर्माण कार्यों के लिए किया जा रहा है।
मिट्टी की खुदाई पांच फीट से ज्यादा नहीं की जा सकती। अगर ऐसा हो रहा है तो वो इंस्पेक्टर को भेजकर चेक करवाएंगे। -वासुदेव, खनन अधिकारी, महेंद्रगढ़