फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात लाख रुपये से महकेंगी शहर की सड़के

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के प्रवेश मार्गों के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट पर महकेंगे फूल
विज्ञापन

-सड़कों के दोनों ओर वन विभाग लगाएगा फुलवारी, बनाई जाएगी ग्रीन बेल्ट
-3000 फूलों व छायादार पौधे लगाने की है योजना
फोटो नंबर आठ व नौ
सुदेश कुमार
नारनौल। बेशक शहर की सड़कों की हालात बहुत खराब बनी हुई हो और सौंदर्यीकरण के नाम पर ये शहर की शाख को बट्टा लगा रही हो पर वन विभाग ने शहर की सुंदरता को चार चांद लगाने का बीड़ा उठा लिया है। इसके तहत शहर के प्रवेश मार्गों के दोनों ओर सात लाख रुपये की लागत से फूलों की ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। इन सात लाख रुपयों से करीब तीन हजार फूलों व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इससे प्रवेश मार्गों की सुंदरता बढ़ेगी, वहीं हरियाली को भी बढ़ावा मिलेगा। विभाग ने इसके लिए तार बाड़ का कार्य शुरू भी कर दिया है।
शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग नारनौल शहर के रेवाड़ी रोड व सिंघाणा रोड पर एक-एक किलोमीटर की दूरी तक सड़क के दोनों ओर 3000 के करीब फूल व छायादार पौधे लगाने की योजना तैयार की है। हालांकि वन विभाग हर वर्ष जिले में लाखों पौधे लगाता है, लेकिन देखरेख के अभाव में लाखों पौधों में से हजारों पौधे ही पनप पाते हैं। परंतु इस योजना में विभाग ने पौधे लगाने से पूर्व उनकी देखरेख व सुरक्षा की उचित व्यवस्था की है। वन विभाग द्वारा रेवाडी रोड व सिंघाणा पर करीब एक-एक किलोमीटर की दूरी तक सड़क के दोनों तरफ लगाए जाने वाले फूल व छायादार पौधों की सुरक्षा के लिए पहले तार बाड़ी करवाई जा रही है। ताकि पौधे लगाने के बाद उन्हें कोई नुकसान न पहुंचा सके।
विज्ञापन

वन विभाग ने शहर के रेवाड़ी रोड पर चिंकारा रेस्ट से लेकर नरुला रिसोर्ट और सिंघाणा रोड पर नहर से आगे बाईपास तक फुलवारी तैयार करने की योजना बनाई है। इसमें निर्धारित सड़क के दोनों ओर फूलदार व छायादार पौधे लगाए जाएंगे।
विभाग की योजना के अनुसार शहर के सिंघाणा व रेवाड़ी रोड के दोनों ओर करीब तीन हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसमें विभिन्न प्रकार के फूलों के पौधों के साथ-साथ छायादार पौधे भी लगाए जाने हैं। यह फुलवारी तैयार होने के बाद शहर में दोनों मार्गों का सौंदर्यीकरण बढ़ेगा।
शहर के रेवाड़ी व सिंघाणा सड़क मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक होता है। इस कारण इन मार्गों पर प्रदूषण अधिक होना भी स्वाभाविक है। ऐसे में दोनों मार्गों पर फूलदार व छायादार पौधे से तैयार होने वाली फुलवारी वाहनों के प्रदूषण को रोकने पर सहायक होगी।
सिंघाणा व रेवाडी सड़क मार्ग पर करीब एक-एक किलोमीटर तक लगाए जाने वाले फूलदार व छायादार पौधों की देखभाल का बीड़ा वन विभाग ने ही उठाया है। हालांकि वन विभाग द्वारा हर वर्ष जिले में लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में लाखों में से केवल हजारों पौधे ही पनप पाते हैं।
विज्ञापन

---------------
विभाग की ओर से रेवाड़ी रोड पर पौधे लगाने से पूर्व तारबंदी की जा रही है। ताकि पौधे लगाने के बाद कोई पशु या अन्य कोई नुकसान ना पहुंचा सके। रेवाड़ी रोड पर एक तरफ की तारबंदी कर दी गई है। आगामी एक सप्ताह में पौधे भी लगा दिए जाएंगे।
- रजनीश कुमार, वन विभाग के रेंज अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें