अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नगरपालिका चेयरपर्सन रीना देवी और पार्षद पति सुरेंद्र कुमार को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। उनकी गिरफ्तार पर रोक लगा दी गई है। साथ ही तत्कालीन जिला उपायुक्त राजनारायण कौशिक और महेंद्रगढ़ के एसडीएम विक्रम सिंह को अगली तारीख पर तलब किया है। पालिका चेयरपर्सन और उनके पार्षद पति के खिलाफ महेंद्रगढ़ थाने में 420 का मामला दर्ज है।
नपा चेयरपर्सन रीना देवी ने सात सिंतबर को नारनौल सेशन कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। आठ सितंबर को सेशन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद नगरपालिका चेयरपर्सन रीना देवी ने 13 सितंबर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी। इसकी पहली सुनाई शुक्रवार को थी। एएस ग्रेवाल की अदालत में उनकी पहली सुनवाई थी। चेयरपर्सन के वकील नरेंद्र सिंह शेखावत ने जबरदस्त पैरवी की। दोनों वकीलों की पैरवी सुनकर जज ने अग्रिम जमानत दे दी। तत्कालीन जिला उपायुक्त राजनारायण कौशिक और महेंद्रगढ़ के एसडीएम विक्रम सिंह को अगली तारीख 27 अक्टूबर को तलब करने के आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि सदर थाने में छह सितंबर को नगरपालिका चेयरपर्सन रीना देवी और उनके पार्षद पति सुरेंद्र कुमार के खिलाफ एसडीएम की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया था।। दोनों आरोपियों के खिलाफ चुनाव के दौरान नामांकन फार्म में तथ्य छिपाने के आरोप हैं। इस मामले की शिकायत नगरपालिका के तीन पार्षदों ने सवा वर्ष पहले हरियाणा चुनाव आयोग को दी थी। चुनाव आयोग ने इसकी जांच के जिला जिला उपायुक्त को प्रेषित कर दिया। जिला उपायुक्त ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए। एसडीएम विक्रम सिंह ने जांच कर इस रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंप दी थी। आज एसडीएम विक्रम सिंह की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था।