- रिकार्ड में दिखा रखी है 10.25 घंटे बिजली
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली देने के लिए शुरू की गई ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। गांव जेरपुर फीडर के अंतर्गत आने वाले पांच गांवों में मात्र सात घंटे बिजली सप्लाई हो रही है। इसी फीडर को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने जगमग योजना के तहत गोद लिया हुआ है। गांवों में बिजली सप्लाई पूरी नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने जेरपुर पॉवर हाउस को ताला लगा दिया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सूचना पाकर पर मौके पर पहुंचे बिजली निगम के एसडीओ विजयपाल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया किंतु ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद एक्सईएन से मोबाइल पर ग्रामीणों को बिजली सप्लाई के घंटे बढ़ाने का आश्वासन दिया उसके बाद ग्रामीणों ने ताला खोला।
बिजली की समस्या को लेकर गांव उष्मापुर, जेरपुर, मांडोला, नांगल माला एवं राजावास के ग्रामीण जेरपुर फीडर पर एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने सुबह नौ बजे ही फीडर को ताला लगा दिया था। इस दौरान पॉवर हाउस के अंदर एसए जितेंद्र अपनी ड्यूटी कर रहा था, किंतु ताला लगाने से पूर्व ग्रामीणों ने उसको बाहर निकाल दिया था। ग्रामीणों ने 18 घंटे बिजली देने, लाइनमैनों का तबादला करने, बार-बार लगने वाले कटों को रोकने की मांग की। तालाबंदी की सूचना पाकर एसडीओ विजय सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को 12 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। उन्होंने जब बिजली कट जारी रहने की बात कही तो ग्रामीण फिर से आक्रोशित हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी एक्सईएन जेपी दहिया को मौके पर बुलाने के लिए अड़ गए। लगभग डेढ़ बजे एसडीओ ने एक्सईएन से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत करवाया। इसके बाद एक्सईएन ने फोन पर ही ग्रामीणों को बिजली के दो घंटे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उसके बाद ही ग्रामीणों ने ताला खोला। इस मौके पर सतनाली के थाना प्रभारी कैलाश सोनी भी मौजूद थे।
18 की बजाय आ रही है 7 घंटे बिजली।
ग्रामीणों ने बताया कि छह माह पूर्व जगमग योजना के तहत उष्मापुर, जेरपुर, मांडोला, नांगल माला एवं राजावास में मीटर पिल्लर बाक्स पर लगवा लिए थे। उन्होंने बताया कि गांव में जब इस योजना पर काम चल रहा था तो उस समय प्रशासन ने उनको 18 घंटे बिजली देने की बात की थी। किंतु अब उन्हें मात्र सात घंटे बिजली सप्लाई हो रही है।
रिकार्ड में दिखा रखी है 10.25 घंटे बिजली
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली निगम का सोमवार को जब रिकार्ड चेक किया तो उसमें ग्रामीणों को 10.25 घंटे बिजली देने का शेड्यूल दिखाया हुआ है। जबकि ग्रामीणों को मुश्किल से सात घंटे बिजली मिल रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने ग्रामीणों को गुमराह कर जगमग योजना लागू की है।
फ्यूज को ठीक करने में लगाते 3 घंटे:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कि उष्मापुर मांडोल तथा जेरपुर के लाइनमैन अपनी ड्यूटी ठीक तरीके से नहीं निभाते। जब इनके पास बिजली संबंधित शिकायत लेेकर जाते हैं तो अभद्रता से बात करते हैं। इतना ही नहीं 15 मिनट में ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज ठीक करने में लाइनमैन तीन घंटे लगा देते हैं।
जगमग योजना को लेकर ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। उस समय प्रशासन ने 18 घंटे बिजली सप्लाई देने की बात कही थी किंतु अब उन्हें सात घंटे ही बिजली मिल रही है। इस समस्या को लेकर अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं, किंतु कोई समाधान नहीं हुआ।
- हरिओम, सरपंच, उष्मापुर।
पॉवर हाउस का भवन बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने अपनी जमीन दी थी तो उस समय प्रशासन ने ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली देने की बात कही थी। किंतु अब मात्र सात घंटे बिजली मिल रही है। इतना जगमग योजना के तहत गांव में 4 ट्रांसफॉर्मर रख जाने थे किंतु अभी तक एक ही ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है।
- सुरेंद्र, सरपंच पति, जेरपुर।
बिजली निगम प्रशासन के कथनी एवं करनी में अंतर है। 18 घंटे की बजाया मात्र सात घंटे बिजली दी जा रही है। पंचायत 20 पोल का प्रस्ताव पास कर निगम के अधिकारियों को दे चुकी हैं वो अभी तक नहीं लगाए गए। इसके अलावा एक ट्रांसफॉर्मर को खराब हुए 2 महीने हो गए हैं।
- जितेंद्र, सरपंच, मांडोला।