फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के 40 गांवों में पहुंचा टिड्डी दल, तीन गांवों में फसल को ज्यादा हो सकता है नुकसान

विज्ञापन
पेड़ पर बैठा टिड्डी दल। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
राजस्थान की ओर से शुक्रवार को टिड्डी दल जिले में पहुंच चुका है। टिड्डी दल से फसलों को बचाने के लिए दिन भर जिला प्रशासन मुस्तैदी के साथ राजस्थान बार्डर के साथ लगने वाले गांव में तैनात रहा। टिड्डी दल की सूचना मिलते ही डीसी आरके सिंह और एसपी सुलोचना गजराज समेत अन्य अधिकारी फील्ड में रहे। इससे पहले एसडीएम नारनौल मनीष फोगाट व अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर इन्हें रोकने के लिए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

टिड्डी दल जिले के 40 गांवों तक पहुंच चुका था। शाम छह बजे तक भौजावास गांव में था और रेवाड़ी ओर बढ़ने की आशंका है। वहीं तीन गांवों में नुकसान की संभावना है। जिला प्रशासन ने दवा के छिड़काव के लिए 750 स्टे मशीन और फायर ब्रिग्रेड तैयार रखा है। जिले में 18 हजार हेक्टेयर में कपास की खेती हुई है। जबकि 80 हजार हेक्टेयर में बाजरे की खेती की जाती। इसमें से 80 फीसदी की बिजाई हो चुकी है।
डीसी ने बताया कि टिड्डी दल के हमले को देखते हुए संबंधित विभागों को पहले ही अलर्ट कर दिया था। मुस्तैदी के साथ कृषि विभाग के साथ विभिन्न विभाग मिलकर इसके बचाव के लिए लगे हुए हैं। डीसी ने बताया कि टिड्डी से बचाव के लिए नारनौल हैफेड में पर्याप्त मात्रा में क्लोरोपायरीफोस दवाई पहले ही रखवा दी गई थी। शुक्रवार की शाम दवा का छिड़काव ट्रैक्टर से किया गया। हालांकि दिन में किसान भी खुद अपने स्तर पर विभिन्न माध्यमों से इस खतरे से बचाव के लिए धुंआ व ड्रम/ पीपा बजाकर उपाय कर रहे हैं।
विज्ञापन

उपायुक्त ने बताया कि टिड्डी दल के हमले से फसलों को बचाने के लिए सभी एसडीएम तहसीलदार, नायब तहसीलदार और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अपने क्षेत्र में मौका देखेंगे। इसके लिए उप कृषि निदेशक, नारनौल के पास पर्याप्त मात्रा में छिड़काव के लिए कीटनाशक दवाई और ट्रेलर पर स्थापित स्प्रे उपलब्ध है।
फसलों को बचाने के लिए खंड स्तर पर टीमों का गठन
कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र ने बताया कि विभाग द्वारा जिले भर में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह यादव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह सभी अधिकारी फील्ड में इसी कार्य पर लगे हैं। खंड महेंद्रगढ़ में खंड कृषि अधिकारी सज्जन सिंह- 9416249360 , खंड कनीना में गजानंद - 9050511880 , खंड अटेली में समशेर सिंह - 9416261700 , खंड नांगल चौधरी में रमेश - 8901534142 और नारनौल खंड में अनिल - 9813177446 को टीम का सदस्य बनाया गया है।
नियंत्रण कक्ष बना
उप निदेशक ने बताया कि टिड्डी के बारे में सूचना देने के लिए जिला मुख्यालय पर कृषि विभाग के कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस बारे में किसान उप मंडल कृषि अधिकारी नारनौल- 9466817660, उपमंडल कृषि अधिकारी महेंद्रगढ़ -9416249481तथा सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी नारनौल के फोन नंबर 9466817660 पर बात कर सकते हैं।
इन गांवों में पहुंचा दल
जानकारी के अनुसार दनचौली, करौली, हसनपुर और रामबास, रघुनाथपुरा समेत दर्जनों गांवों में टिड्डी दल पहुंचा है। गांवों में लोगों ने अपने स्तर पर बचाव करने का प्रयास किया। लोगों ने बताया कि राजस्थान के टीब्बा की तरफ टिड्डी दल जा रहा था अचानक धूल भरी आंधी ने टिड्डी दल को रोक दिया। हल्की बारिश आने से फसल पर बैठ गई। जैसे ही बरसात खत्म हुई है यह टिड्डी दल दोबारा धानौता, मारौली, हसनपुर व कुलताजपुर गांव में पहुंच गया। रामबास, हसनपुर, दनचली, थाना, कुलताजपुर व धानोता में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर घरों से बाहर निकल गए और खेतों में जाकर थालिया बजाने लगे और पंचायतों ने डीजे लगाएं। सबसे अधिक नुकसान रामबास,धानौता और गोद बहला गांव में नुकसान हुआ है। ग्राम रामबास में अमित हिन्दुस्तानी ने बताया कि टिड्डी दल ने सब्जियों नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें