नारनौल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को 7 टीमों ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र का निरीक्षण किया।
इसमें नारनौल शहर, सतनाली, नांगल चौधरी का गांव भोजावास, अटेली खंड का उनिंदा, सिहमा खंड का दौंगड़ा जाट, कनीना खंड का गांव इसराना, महेंद्रगढ़ का रिवासा गांव का दौरा किया। जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि टीमों ने 382 उपभोक्ताओं के पेयजल कनेक्शनों की जांच की। इसमें कुछ होटल, रेस्टोरेंट, पार्क व घरेलू उपभोक्ता भी थे। 53 पेयजल कनेक्शनों पर टोटी नहीं लगी। जिनमें से 4 ने मौके पर ही नल पर टोटी लगा ली, जिन्होंने नहीं लगाया उन्हें एक दिन का समय दिया गया है।
चार उपभोक्ता ऐसे मिले, जिन्होंने अवैध कनेक्शन ले रखा था। वहीं 11 कनेक्शन गंदी नाली में टूटे मिले, उनमें से 2 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही अपने पेयजल कनेक्शन दुरुस्त कर लिए। इसके अलावा 4 सैंपल क्लोरिन जांच के लिए गए। जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है। पीने के पानी की बर्बादी ना करें। सभी ग्राम पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में अपने स्तर पर ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के माध्यम से जल संरक्षण अभियान चलाए ताकि हर घर को बराबर मात्रा में पानी मिल सके।
इस मौके पर टीम के साथ बीआरसी इंद्रजीत, सुपरवाइजर संजय कुमार, बीआरसी निशू, बीआरसी विक्रम सिंह, बीआरसी मोहित कुमार, बीआरसी धर्मेंद्र, बीआरसी अनिता, बीआरसी पूजा रानी, फिटर महिपाल, बिल ब्रांच से नरेश कुमार, शेखर आदि उपस्थित रहे।
इंसेट
बिना नोटिस कनेक्शन काटने के आदेश
कार्यकारी अभियंता आदर्श कुमार सिंगला ने कहा कि मुख्य पाइप लाइन में अवैध कनेक्शनधारियों की वजह से निजामपुर व नांगल चौधरी क्षेत्र के अंतिम गांवों में लहरोदा के प्लांट का पानी नहीं पहुंच रहा है। बीच में ही ऐसे उपभोक्ताओं की वजह से पानी खराब हो रहा है। जो उपभोक्ता पेयजल से खेती बाड़ी की सिंचाई करता पाया जाता है उनके कनेक्शन बिना किसी नोटिस के काटने के सभी एसडीओ को मौखिक आदेश दिए गए हैं।