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Mahendragarh-Narnaul News: 37 प्रतिशत कपास की फसल हुई खराब, बाजरे पर 12 प्रतिशत है असर

Thu, 20 Jul 2023 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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महेंद्रगढ़। बार-बार बारिश होने से जिले की लगभग 37 प्रतिशत कपास की फसल खराब हो गई है जबकि 12 प्रतिशत बाजरे की फसल प्रभावित है। जिले की 20825 हेक्टेयर की बाजरे और कपास की फसल खराब हो गई। इनमें 7915 हेक्टेयर की कपास तथा 12910 हेक्टयेर बाजरे की फसल शमिल हैं। जिले में कपास का कुल बोए गए क्षेत्र में 37 प्रतिशत हिस्से में खराबा है। बारिश का सबसे अधिक प्रभाव कनीना खंड के गांवों की फसलों पर पड़ा है।
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जिले की बाजरे की कुल खराब फसल में 8680 हेक्टेयर (67.23 प्रतिशत लगभग) अकेले कनीना खंड की है। इसी प्रकार कपास का खराब 4410 (55 प्रतिशत लगभग)हेक्टेयर कनीना में हुआ है। वहीं नांगल चौधरी खंड में दोनों ही फसलों में कोई नुकसान नहीं हुआ। सरकार ने जलभराव से खराब फसल का डाटा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से मांग लिया है और विभाग ने यह डाटा मंगलवार को निदेशक को भेज दिया है। वहीं क्षेत्र के किसान सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।
मौसम बार-बार परिवर्तन होने से क्षेत्र में काफी बारिश हुई है। बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों की बाजरे एवं कपास की फसलें खराब हो गईं। गांव डुलाना, मेघनवास, सुरजनवास, खेडा, बवानिया, नांगल हरनाथ, गांगड़वास, बचीनी, चितलांग, देवास, बवाना, अगिहार, पाथेड़ा, मालड़ा सहित अनेक गांवों के खेतों में एक फुट तक पानी भर गया है। किसानों ने बताया कि किसी फसल में अगर पानी 24 घंटे पानी खड़ा रह जाता है तो फसल शत प्रतिशत खराब हो जाती है। यहां का किसान कृषि पर भी निर्भर है यह ओर कोई धंधा नहीं है। उन्होंने मांग की है प्रति एकड़ 20 हजार रुपया मुआवजा राशि दी जाए ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके तथा अपने बच्चों का पालन पोषण कर सके।
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खंड के गांव अगिहार में बारिश से फसल पूरी तरह हुई बर्बाद
सरपंच दलबीर सिंह, किसान रामेश्वर दयाल, नरेश शर्मा , जयभगवान शर्मा, वेदपाल सिंह, दिनेश सिंह, राकेश शर्मा बताया कि अगिहार से तलवाना के लिए सड़क बनने व धनाैंदा, बवाना नहर पर पुलिया बनने से पानी की निकासी नहीं हो पाई जिससे पानी नहर के एक तरफ ही जमा हो गया और खेत झील बन गए। किसानों ने प्रशासन व स्थानीय विधायक से मांग की है कि खेतों का जल्द से जल्द सर्वे करवाकर व क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान दर्ज करवाकर मुआवजा दिलवाया जाए।
कपास (एरिया हेक्टेयर में)
खंड - कुल एरिया - 0 से 25 - 26 से 50 - 51 से 75 - 76 से 100
महेंद्रगढ़ - 8440 - 1400 - शून्य - शून्य - शून्य
कनीना - 6900 - 3450 - 400 - 200 - 360
नारनौल - 850 - 125 - शून्य - शून्य - शून्य
अटेली - 4320 - 920 - 760 - 300 - शून्य
नांगल चौधरी - 750 - शून्य - शून्य- शून्य - शून्य
कुल - 21260 - 6645 - 1160 - 500 - 360

बाजरा (एरिया हेक्टेयर में)
खंड - कुल एरिया - 0 से 25 - 26 से 50 - 51 से 75 - 76 से 100
महेंद्रगढ़ - 34742 - 880 - शून्य - शून्य - शून्य
कनीना - 19120 - 6800 - 1150 - 350 - 380
नारनौल - 16200 - 1000 - शून्य - शून्य - शून्य
अटेली - 16000 - 880 - 440 - 180 - शून्य
नांगल चौधरी - 14800 - शून्य - शून्य -शून्य - शून्य
कुल - 100862 - 9560 - 1590 - 530 - 380

बाॅक्स
बारिश की वजह से उसकी कपास की फसल खराब हो गई है। उसका घर का खर्चा कृषि पर ही चलता है।
- सुरेश।
खेतों में पानी भर जाने से मंदिर की दीवार गिर गई, पशुओं का चारा खराब हो गया है। उसकी बाजरे की फसल भी खराब हो गई है।
-दलीप पंच
उसके 6 एकड़ में पांच फीट पानी भर गया है। उसकी बाजरे की फसल खराब हो गई। पशुओं के बांधने के बाड़े की दीवार भी गिर गई।
-सेवानिवृत्त शिक्षक रतन सिंह
खेतों में पानी भर जाने की वजह से खेतों में खड़ी बाजरे व कपास की फसल खराब हो गई। सरकार से मांग की स्पेशल गिरदावरी करके मुआवजा दिया जाए।
-देशराज
बारिश की वजह से खेतों में एक-एक फुट पानी भर गया। खेतों ने झीलों का रूप ले लिया। एक सप्ताह से खेत में पानी जमा हो रखा है। फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है।- रामेश्वर दयाल, अगिहार
खेती किसानों के लिए घाटा का सौदा हो गई है। कभी प्राकृतिक आपदा तो कभी महंगाई मार देती है। अब 15 दिन हुई बारिश से हमारी पूरी फसल खत्म हो गई। सरकार किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दें।-सीताराम शर्मा


सरकार ने हमारे से बारिश से खराब फसल की रिपोर्ट मांगी थी। जिले में 7915 हेक्टेयर की कपास तथा 12910 हेक्टयेर बाजरे की फसल में खराब है। यह एक अनुमानित रिपोर्ट है। यह रिपोर्ट निदेशक को भेज दी गई है।
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- बलवंत साहरण, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, महेंद्रगढ़।
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