अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। एचएसआईआईडीसी, नगर योजनाकार विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग सहित अन्य विभागों की टीम ने आईएमटी के लिए फिजिबिलिटी सर्वे किया। गांव की पंचायत ने टीम को कहा कि अगर आईएमटी के लिए जमीन कम होगी तो पूरा गांव जमीन देने को तैयार है। आईएमटी के लिए 2200 एकड़ जमीन उपलब्ध करा देंगे। एचएसआईआईडीसी पंचकूला के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक ओपी गोयल ने कहा कि गांव खुड़ाना में आईएमटी हर हाल में स्थापित होगी। ग्राम पंचायत ने 961 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई है। आईएमटी स्थापित करने के लिए 1500 एकड़ जमीन चाहिए। अगर पहले चरण में पूरी जमीन नहीं मिली तो फिलहाल इसे आईएमटी की बजाए इंडस्ट्रियल इस्टेट के तौर पर विकसित किया जाएगा। दूसरे चरण में जमीन मिलते ही इसे आईएमटी का दर्जा दे दिया जाएगा। औद्योगिक संपदा में भी आईएमटी की तरह से ही इंडस्ट्रीज होंगी। अन्य सुविधाएं भी उसी तरह से उपलब्ध होंगी। आईएमटी व औद्योगिक एरिया स्कीम के तहत दोनों में ही बराबर का विकास होता है। मौके पर मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि गांव की पंचायत पूरी जमीन उपलब्ध कराएगी। पूरा गांव इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने को तैयार है।
पंचायत बोली हम जमीन देने को तैयार
खुड़ाना के सरपंच आनंद सिंह, सरपंच के पिता ओमपाल सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह, फतेह सिंह नंबरदार, पंच कैलाश चंद, विक्रम नंबरदार, संजय पंच, अनिल पंच ने टीम को बताया कि ग्राम पंचायत के पास 4400 एकड़ जमीन है। जिसमें 2200 एकड़ में पहाड़ हैं। करीब 2200 एकड़ जमीन बंजर भूमि के रूप में उपलब्ध है। पंचायत पूरी जमीन एचएसआईआईडीसी को उपलब्ध करवा दी जाएगी। करीब 1500 एकड़ भूमि निजी मालिकों की बंजर पड़ी हुई है। वह जमीन भी सरकार को दे दी जाएगी।
भ्रामक समाचार से सावधान रहें
इस मौके अतिरिक्त प्रबंधक निदेशक ओपी गोयल कहा कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। हर हाल में आईएमटी स्थापित करवाई जाएगी। किसी प्रकार का संशय न रखे। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को फिजिबल घोषित कर दिया जाएगा।
डीसी ने मांगी स्टेटस रिपार्ट
डीसी डॉ. गरिमा मित्तल ने शुक्रवार को कार्यालय में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारियों से खुड़ाना आईएमटी के संबंध में रिपोर्ट ली। अधिकारियों ने कहा कि शुरूआत में इसका नाम आईएमटी की बजाए आईई यानी औद्योगिक संपदा रहेगा। दूसरे फेज में 1500 एकड़ जमीन मिलते ही आईएमटी कर दिया जाएगा। मीटिंग में वरिष्ठ नगर योजनाकार रामकुमार, अतिरिक्त महाप्रबंधक ओमप्रकाश गोयल, वरिष्ठ प्रबंधक अनुराग गहलोत, बावल से सहायक महा प्रबंधक मुकेश गुप्ता, एटीपी संजीत ,एटीपी प्रदीप, डीडीपीओ कुलदीप सिंह, वन विभाग से राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
आईएमटी की सक्षमता के प्वाइंट
- महेंद्रगढ़ से इस जमीन की दूरी 20 किलोमीटर
- बाछोद एयर स्ट्रिप से 48 किलोमीटर दूर
- लॉजिस्टिक हब से इसकी दूरी 56 किलोमीटर
- धौली माइनर प्रस्तावित जमीन से 6 किलोमीटर दूर है। ऐसे में पानी की समस्या नहीं आएगी
- गांव में 33केवी का सब स्टेशन है
- जमीन गैर उपजाऊ होने के कारण प्रयोग आसान
- गांव की पंचायत जमीन देने को तैयार
- जमीन अरावली के प्रतिबंधित दायरे से बाहर
- जमीन दो पहाड़ियों के बीच उपलब्ध
वर्जन
एसटीपी की रिपोर्ट को लेकर कुछ लोग भ्रम पैदा करना चाहते हैं। फरवरी 2019 के आखिरी सप्ताह में महेंद्रगढ़ में सीएम अपने हाथों से आईएमटी की आधारशिला रखेंगे। मेरा मकसद नाम की बजाए काम है। अगर यहां आईएमटी की बजाए इंडस्ट्रियल इस्टेट के जरिए रोजगार मिले तो भी क्या दिक्कत है।
- रामबिलास शर्मा, शिक्षामंत्री , हरियाणा।