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पूरा ब्लॉक ओडीएफ घोषित,700 से अधिक परिवार अभी भी शौचालय से वंचित

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मंडी अटेली। स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत अटेली ब्लॉक को ओडीएफ घोषित किए हुए करीब एक वर्ष से अधिक हो गया है। लेकिन धरातल पर नजर डालें तो मामला कुछ ओर ही नजर आ रहा है। 700 से अधिक परिवारों ने शौचालय की राशि के लिए आवेदन किया है।
ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को शौचालय बनाने के लिए 12 हजार की राशि देने का प्रावधान सरकार ने बनाया था। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस योजना से लाभांवित हुए। लेकिन आज भी अनेक परिवार ऐसे हैं, जिनके घरों में शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया। इतना भी नहीं दो से तीन बार दस्तावेजों के साथ ग्रामीण आंचल के लोगों ने अपने-अपने आवेदन खंड विकास कार्यालय में जमा करवाए, लेकिन उनके आवेदन एक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्यालय में धुल फांक रहे है। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डाले तो 700 से अधिक परिवारों ने शौचालय राशि पाने के लिए पंजीकृत कराया है। इन परिवारों को शौचालय की राशि कब तक सरकार की ओर से मुहैया करवाई जाएगी यह समय अवधि न तो किसी कर्मचारी के पास है न ही संबंधित अधिकारियों के पास है। अटेली ब्लॉक के 43 गांव में से लगभग 10 गांव में आबादी के हिसाब से सार्वजनिक शौचालय सरकार की ओर से बनाए गए। उन शौचालय पर नजर डाले तो उनकी तस्वीर कुछ अलग ही बया कर रही है। देखरेख व पानी के अभाव के चलते लाखों रुपए की लागत से बने ग्रामीण सार्वजनिक शौचालय जर्जर हो चुुके हैं। गत वर्ष मई माह के प्रथम सप्ताह में अटेली ब्लॉक को ओडीएफ घोषित किया गया। ओडीएफ तिथि के बाद किसी भी परिवार को शौचालय की राशि मुहैया नहीं करवाई गई। गांव सिलारपुर में नजर डालें तो 50 के करीब परिवार बिना शौचालय के रह रहे हैं। इस गांव में कोई सार्वजनिक शौचालय का निर्माण भी नही होने के कारण यह परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर है। वहीं गांव काटी पर नजर डाले तो यह गांव कांटी के साथ-साथ बांस से भी जुड़ा हुआ है। दोनों ही गांव की एक पंचायत है। 16 सार्वजनिक शौचालय लगभग दो लाख की लागत से बनवाए गए लेकिन इस गांव में भी चार दर्जन के करीब परिवारों के पास शौचालय की सुविधा नहीं हैं। गांव काटी में बने सार्वजनिक शौचालय के हालात भी खस्ता है। इतना ही नहीं गांव खारीवाड़ा में भी दो दर्जन से अधिक परिवारों के पास शौचालय नहीं होने के कारण वह खुले में शौच जाकर पालन पोषण कर रहे हैं। इसी के साथ गांव बिहाली में 36 हजार की लागत से सार्वजनिक शौचालय गौशाला मार्ग पर बनवाए गए। तीन शौचालयों में निर्माण होने के बावजूद उनमें न तो पानी की सुविधा हुई और न ही साफ सफाई की व्यवस्था है। गौर करने लायक बात यह है कि ओडीएफ घोषित करने के बाद 10 दिसंबर तक 700 परिवारों ने शौचालय निर्माण के लिए पंजीकृत करवाया है। हजारों परिवार अटेली ब्लॉक में बिना शौचालय के होने के बावजूद भी यह क्षेत्र कागजों में जिला महेंद्रगढ़ में सबसे पहले ओडीएफ घोषित हो गया। जिसकी वजह से सरकार व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है।
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सरकार की ओर से आदेश मिले हैं कि जो परिवार शौचालय के बिना खुले में शौच जाने को मजबूर हैं वह बीते 30 नवंबर तक आधार कार्ड के माध्यम से शौचालय राशि के लिए अपना पंजीकृत खंड विकास पंचायत कार्यालय में करवा सकता है। लेकिन उस तिथि को बढ़ाकर 11 दिसंबर तक भी पंजीकृत करने का कार्य जारी है। शौचालय के लिए परिवार का मुखिया अपना पंजीकृत करवा सकता है ।
- सोनू ब्लॉक मोटिवेटर
गत वर्ष 22 जून को प्रदेश ओडीएफ घोषित किया गया। उससे पहले ग्रामीण परिवारों को शौचालय की राशि 12 हजार वितरित की गई थी। फिर भी जो परिवार इसका लाभ नहीं ले चुका उसके लिए फिर से पंजीकृत किया जा रहा है ताकि वंचित रहे परिवारों को शौचालय की राशि मिल सके।
-राजेंद्र सिंह, पंचायत समिति चेयरमैन मंडी अटेली
गांव खारीवाडा में सार्वजनिक शौचालय आठ बनवाए गए हैं। जिनको साफ सफाई के साथ-साथ पानी की सुविधा के साथ सुचारु रूप से चालू किया गया है। गांव में तीन दर्जन से अधिक परिवारों के पास शौचालय नहीं होने के कारण उनको पंजीकृत करवाने के लिए आवेदन खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में दिया गया है।
- वीर सिंह सरपंच, खारीवाड़ा

गांव कांटी व बांस में 16 सार्वजनिक शौचालय बनवाए। बांस के शौचालय तो सुचारु रूप से चल रहे हैं लेकिन काटी में शरारती तत्वों ने शौचालय की सुविधाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया है। जल्दी ही उन शौचालय को सही करवाया जाएगा। इसके अलावा 50 के करीब परिवारों ने शौचालय का निर्माण अपने स्तर पर करवा लिया है। जिन की राशि उनको अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसके अलावा दो दर्जन के करीब परिवारों के पास अभी भी शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
- देवी सिंह उर्फ देबू सरपंच कांटी

सरकार को चाहिए जिन परिवारों के पास शौचालय नहीं है, उनको राशि देकर शौचालय की सुविधा मुहैया कराए। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले अनेक परिवार ऐसे हैं जो शौचालय का निर्माण कराने में असक्षम है ऐसे में सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए।
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-हवा सिंह गांव बिहाली

स्वस्थ भारत मिशन के तहत लोगों ने खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में शौचालय के लिए आवेदन किए। लेकिन सरकार की योजना के तहत मिलने वाली राशि आज तक मुहैया नहीं हो पाई है।
- लक्खा सिंह बिहाली
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