तीन -तीन सौ रुपये लेकर पटवारी ने दी किसानों को गिरदावरी रिपोर्ट
नांगल चौधरी। सरसों बिक्री के लिए अनिवार्य गिरदावरी रिपोर्ट लेने धोलेड़ा के किसान शुक्रवार को हलका पटवारी के कार्यालय में पहुंचे। यहां पटवारी ने किसानों से 200-300 रुपये प्रति रिपोर्ट की फीस वसूल की। जब किसानों को रिपोर्ट निशुल्क मिलने की जानकारी मिली तो वे आक्रोशित हो गए और अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। वहीं, पटवारी शीशपाल ने रिश्वत लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ किसान अधिक रकबे की गिरदावरी रिपोर्ट लेना चाहते थे। इनकार करने पर उन्होंने बखेड़ा खड़ा कर दिया।
रोहताश कुमार, मानसिंह, दाताराम, ओमप्रकाश, श्यामसुंदर, महेंद्र सिंह, ताराचंद व सुरेश कुमार आदि ने बताया कि करीब 12 साल बाद नांगल चौधरी अनाज मंडी में समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद शुरू हुई है। किंतु इस बार सरकार ने कागजी कार्रवाई बढ़ा दी। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के मकसद से किसानों को जमीन की फर्द, गिरदावरी रिपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक की पासबुक व अन्य दस्तावेज कमेटी को प्रस्तुत करने होते हैं। दस्तावेजों की रिपोर्ट मिलने पर कमेटी नमी की जांच करती है और 8 प्रतिशत से कम नमी मिलने पर ही करती है। शुक्रवार को धोलेड़ा, बिगोपुर, गोलवा के किसानों को सरसों बिक्री करने के लिए बुलाया गया था। इसलिए गिरदावरी रिपोर्ट लेने के लिए किसान हलका पटवारी के कार्यालय में पहुंचे। गिरदावरी फार्म को पढ़ने के बाद पटवारी ने साइन करने से इंकार कर दिया। मान मनुहार करने के बाद पटवारी ने 200-300 रुपये प्रति फार्म पर रिपोर्ट करने के वसूल लिए। दस्तावेज लेकर किसान मंडी में पहुंच गए। यहां उन्हें गिरदावरी रिपोर्ट निशुल्क मिलने के प्रावधान की सूचना मिली तो प्रशासन तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध जताते हुए किसानों ने कहा कि एक तरफ सरकार पारदर्शी शासन देने का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं दूसरी ओर कर्मचारी खुलेआम रिश्वत खा रहे हैं। पीड़ित किसानों ने उपायुक्त से पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।
धोलेड़ा सर्कल के पटवारी द्वारा किसानों से गिरदावरी रिपोर्ट के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत मिली है। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। आरोप साबित होते ही उपायुक्त को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- कृष्ण कुमार, नायब तहसीलदार