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दो विभागों के तालमेल के अभाव में टूट रही नई सड़कें

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पेयजल लाइन डालने के लिए सड़क तोड़ दी, विभाग ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
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नारनौल। दो विभागों में तालमेल न होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में नप की बिना इजाजत लिए नई पेयजल लाइनें डाली जा रही हैं। इससे कहीं छह माह पूर्व तो कहीं एक साल पूर्व बनी लाखों रुपये की सड़कें टूट गई हैं। अब ये कब नई बनकर तैयार होंगी, इस बारे में न तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास जवाब है, न ही नप अधिकारियों के पास। इन टूटी सड़कों की वजह से लोगों को परेशानी होने लगी है। लोगों का कहना है कि इन सड़कों का जल्द निर्माण किया जाना चाहिए।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएम घोषणा के तहत शहर में करीब दस करोड़ रुपये से कार्य करवाए जा रहे हैं। इसके तहत चार नई अप्रूव्ड कॉलोनियों राम नगर, शास्त्री नगर, सीताराम कॉलोनी और दयानगर में नई पेयजल लाइन डाली गई है। वहीं शहर में पुरानी प्लास्टिक व सीमेंट की लाइन की जगह लोहे की नई लाइन डाली जा रही है। इसका कार्य शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहा है। वहीं शहर में हाल ही में नप द्वारा अनेक गली मोहल्लों में लाखों रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण किया गया था। अब जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सड़कों को तोड़ दिया गया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अब इन सड़कों का निर्माण कब होगा। इस बारे में कुछ भी पता नहीं है, जबकि इनका निर्माण हाल ही में किया गया था।
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2015 में हुई पास, अब डाली जा रही
जनस्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब दस करोड़ रुपये की लागत से शहर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सीएम की 21 अक्टूबर 2015 में आयोजित रैली में विभाग की ओर से बजट रखा गया था। इस बजट पर 2017 में कार्य शुरू हुआ। इसके तहत चार नई अप्रूव्ड कालोनियां में नई पेयजल लाइन डाली गई। वहीं अब शहर के विभिन्न हिस्सों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।

पुरानी सराय में तोड़ी साल भर पहले बनी सड़क
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरानी सराय सैन चौक से टेलीफोन एक्सचेंज के पास तक करीब एक साल पूर्व सड़क बनी थी। यहां पर अब पुरानी पेयजल लाइन को बदलकर नई पेयजल लाइन डाली जा रही है। जिसके कारण यहां की सड़क को तोड़ दिया गया है। इससे यहां के लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे ही शहर में विभिन्न स्थानों पर नई बनी सड़कों को जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा तोड़ दिया गया है।

सड़क निर्माण से पहले डल जानी चाहिए पेयजल व सीवरेज लाइन
नियमों के अनुसार किसी भी जगह जब सड़क का निर्माण किया जाता है तो वहां पर सबसे पहले सीवर व पानी की लाइन का डलना जरूरी होता है। इन लाइनों के डलने के बाद ही नप द्वारा सड़क का निर्माण किया जाता है, ताकि नई बनी सड़कें न टूटे तथा सरकार को नुकसान न हो। मगर इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

नप की बैठक में उठ चुका है मुद्दा
इस बारे में नप की बैठक में भी दो बार मुद्दा उठ चुका है। एक बार तो पार्षदों के अनुरोध पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी नप की बैठक में बुलाया गया था। जिसमें अधिकारियों ने कहा था कि वे नई बनी सड़कों को नहीं तोड़ेंगे। वहीं सबकी सहमति से प्रस्ताव पास किया गया था कि कहीं भी सड़क निर्माण से पूर्व वहां पेयजल व सीवर लाइन डाली जाएगी। जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अपना पूरा सहयोग करेंगे।

छह माह पहले ही यहां सड़क का निर्माण किया गया था, अब पेयजल लाइन डाली गई है। इस कारण सड़क टूट गई है। इससे काफी परेशानी हो रही है।
-लालचंद

सड़क बनाने से पहले ही सीवरेज व पेयजल लाइन डल जानी चाहिए, ताकि सरकार को कोई हानि न हो, मगर विभागों के सही तालमेल न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-जितू कपिल

दोनों विभागों के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि कोई नुकसान न हो तथा लोगों को भी कोई परेशानी न हो।
-गंगाराम सैनी

जनस्वास्थ्य विभाग ने सड़क तोड़ने की नप से कोई अनुमति नहीं ली। वहीं जहां-जहां सड़क टूटी है, उस जगह का अनुमान लगाकर इस्टीमेट तैयार कर विभाग को नोटिस दिया जाएगा, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
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-अभय सिंह यादव, ईओ, नप, नारनौल

नप को टाइल वाली सड़कों का निर्माण करना चाहिए, ताकि कहीं पेयजल या सीवर लाइन डालते समय कोई दिक्कत न हो। लाइन डालने से हुए सड़क के नुकसान का कोई खर्च विभाग नहीं देगा।
-गोपाल सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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