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आज काम पर नहीं लौटे कर्मचारी तो होंगे बर्खास्त

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आज काम पर नहीं लौटे कर्मचारी तो होंगे बर्खास्त
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नारनौल। मांगों को लेकर जिला के एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी नागरिक अस्पताल में जारी रही। वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन ने उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी कर वीरवार को काम पर नहीं लौटने पर बर्खास्त करने की कही है। इसके साथ ही अस्पताल प्रांगण में हड़ताल कर धरने पर बैठे कर्मचारियों को सिविल सर्जन ने दोपहर बाद धारा 144 लागू होने की हिदायत देते हुए उन्हें अस्पताल से हटा दिया। वहीं रेगुलर कर्मचारियों को काम पर लगा दिए जाने के कारण हड़ताल के दूसरे दिन स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।
जिले में एनएचएम कर्मचारियों की कुल संख्या 332 है। जिनमें मंगलवार को कुल 173 कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे। वहीं बुधवार को इनकी संख्या 225 पर पहुंच गई। इस प्रकार जिले में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की कई जरूरी सेवाएं बाधित रही। इसमें हड़ताल का सबसे अधिक असर एंबुलेंस सेवा, प्रसूति विभाग व एसएनसीयू विभाग पर देखने को मिला। हालांकि विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों से एंबुलेंस सेवा तथा प्रसूति विभाग में भी फील्ड पर कार्य रही स्टाफ नर्स को बुलाकर सेवाएं सुचारु करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते यह सेवा सुचारु से बहाल नहीं हो पाई। इसके बाद कर्मचारी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक पहुंचे, जहां उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों की मुख्य मांगे पूरी नहीं करने के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारी स्थानीय रेस्ट हाउस के नजदीक आकर विचार-विमर्श किया। जिसमें वीरवार से रेस्ट हाउस के बाहर धरना देने का निर्णय लिया गया।
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स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने का प्रयास
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लगातार स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन आउटसोर्स व अन्य व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने का प्रयास कर रहा है। कुछ सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं सुचारु रूप से जारी रही। एंबुलेंस व गायनी विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अधिक परेशानी हो रही है, क्योंकि दोनों ही विभागों में आपात स्थिति रहती है। आपात स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस सेवा की कमान आउटसोर्स कर्मचारियों को सौंपी है। वहीं गायनी विभाग के लिए फील्ड पर रहने वाली स्टाफ नर्सों बुलाकर कार्य चलाया जा रहा है। परंतु दोनों ही विभागों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने से मरीजों को आपात सेवाओं के लिए परेशानी तो उठानी ही पड़ रही है।
अस्पतालों में धारा 144 लागू, कर्मचारियों को खदेड़ा
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों में धारा 144 लागू कर दी है। इसी के तहत नारनौल नागरिक अस्पताल में धारा लागू होने के कारण अस्पताल में धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों को धारा 144 की हिदायत देते हुए सिविल सर्जन ने वहां हटा दिया। जिसके बाद कर्मचारी अपने बोरी बिस्तर समेट वहां से प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक पहुंचे गए।

-मांगें नहीं मानने तक जारी रहेगा संघर्ष
एनएचएम एसोसिएशन के जिला प्रधान हरकेश, वरिष्ठ उप प्रधान दिलबाग सिंह, उप प्रधान कृष्ण कुमार व नारनौल प्रधान अशोक यादव ने कहा कि सरकार जब तक कर्मचारियों की मांगे नहीं मानती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आपातकालीन सेवाओं का बहाना बनाकर कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही है परंतु आपातकालीन एवं विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्या सुनने को तैयार नहीं है। इसलिये मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। सरकार कर्मचारियों को जानबूझकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर विवश कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देती है जबकि एनएनएम के अंतर्गत अधिकतर महिला कार्यरत है जो हर आपात स्थिति में अपनी सेवाएं दे रही है। अगर सरकार सही में ही महिला हितैषी है तो उनकी मांगो को तुरंत पूरा करे।
कर्मचारियों की मुख्य मांगे
सभी एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किया जाए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार समान काम समान वेतन लागू किया जाए, सेवा नियम को तुरंत लागू किया जाए। वहीं एनएचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की तर्ज 14.29 प्रतिशत बढ़ोतरी तुरंत जारी की जाए।
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जिला महेंद्रगढ़ में मंगलवार से ही एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर बैठे है। अगर वीरवार को कर्मचारी अपने काम नहीं लौटे तो उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार उन्हें टर्मिनेशन किया जाएगा।---डा. इंद्रजीत सिंह, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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