फव्वारा सेट खराब, टूटे हैं झूले और कुर्सियां
पांच करोड़ रुपये की लागत का पार्क पांच वर्षों में हुआ बेहाल
फोटो संख्या: 36 से 40
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। पांच वर्ष पूर्व पांच करोड़ रुपये की लागत से नगर में बने चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की हालत खस्ता हो चली है। पार्क के रखरखाव के लिए डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उसके बाद भी इसकी हालत खस्ता बनी हुई है। पार्क के फव्वारे, झूले, कुर्सियां, तार आदि कटे हुए हैं। इससे पार्क के सौंदर्यकरण को ग्रहण लगा हुआ है। इसके अलावा पार्क में सुबह शाम घूमने आने वाले लगभग एक हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में पालिका प्रशासन का कहना है कि पार्क की मरम्मत के लिए साढ़े छह लाख रुपये के टेंडर किए जा चुके हैं और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है।
चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 मई 2012 में किया था। इसको दस एकड़ भूमि में विदेशी घास और पौधों के साथ विकसित किया गया था। पार्क में बच्चों के लिए झूले आदि भी लगाए गए थे। यहां क्षेत्र के लोगों को घूमने और योग आदि करने का स्थान मिला था। अभी भी गर्मी के चलते बाहर की ठंडी हवा लेने और घूमने के लिए 1 हजार लोग सुबह शाम यहां आते हैं, किंतु कुछ असुविधा के कारण उनके परेशानी उठानी पड़ती है। पार्क की यह हालत पिछले दो वर्षों से ऐसी ही बनी हुई है।
रखरखाव खर्च ढाई लाख रुपये प्रतिमाह
पार्क के रखरखाव के लिए पालिका प्रशासन ने 15 अस्थायी कर्मचारी लगाए हुए हैं। इन कर्मचारियों के वेतन और बिल सहित पालिका का ढाई लाख रुपये का खर्च आता है। उसके बाद भी पार्क का रख रखाव ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। पार्क की घास बड़ी-बड़ी हो रही है। पौधों में पिछले तीन महीने दवाइयां नहीं डाली गईं, जिससे दो पेड़ों को दीमक ने खा लिया है।
दो वर्ष से फव्वारा सेट खराब
रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की सुंदरता का प्रतीक माने जाने वाला फव्वारा सेट लंबे समय से खराब पड़ा है जिस कारण पार्क की सुंदरता को ग्रहण लगा हुआ है। पार्क बनने के बाद यह फव्वारा मुश्किल से एक वर्ष चला उसके बाद कभी ठीक तो कभी खराब रहता था। अभी दो वर्षों से फव्वारा और उसकी मोटर खराब पड़ी है। इसके अलावा पार्क के प्रवेश अंदर एक छोटा फव्वारा लगा है उसकी भी मोटर खराब पड़ी है। अभी प्रशासन ने इनको ठीक नहीं करवाया है।
कुर्सियां और झूले टूटे
इस समय पार्क में कुर्सियों का अभाव है। पार्क में जो कुर्सियां रखी हुई हैं उनमें से अधिकतर कुर्सियां जंग लगने के कारण टूट गई हैं। कई बार तो बैठने वालों के कपड़े भी फट चुके हैं। इसके अलावा पार्क के झूले भी टूटे हुए हैं। जिस पर गिरकर बच्चे चोटिल हो जाते हैं। अभी केंद्र सरकार की स्कीम के तहत कुछ झूले पार्क में लगाये गए थे किंतु पुराने टूटे हुए झूलों को ठीक नहीं करवाया गया है।
पार्क में दौड़ रहा है करंट
आपको बता दें कि पार्क में बहुत सी जगह तार नंगे पड़े हैं और बिजली के मेन बॉक्स भी खुले पड़े हैं। अनजाने में कोई बच्चा हाथ लगा देने से कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बॉक्स के लिए पक्का शेड भी बनाया गया है जिसको बने हुए छह महीने का समय हो चुका है किंतु अभी उनको अंदर नहीं लगाया जा रहा है।
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कुछ दिन पूर्व ही पार्क में मरम्मत करवाई गई है जो भी कमी रह गई है वो सोमवार को ठीक करवा दी जाएगी।
-रीना बंटी, नगरपालिका चेयरपर्सन महेंद्रगढ़।