फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, शहर गंदगी के ढेर पर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। नगरपालिका के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठ जाने से शहर में गंदगी के ढेर लग गए हैं। जिला उपायुक्त के आदेश पर पालिका के दो कर्मचारी हटाए जाने के बाद से सफाई कर्मचारी शुक्रवार से पालिका परिसर में हड़ताल पर हैं। पिछले तीन दिनों से न तो शहर की सड़कों पर झाडू़ लगी और न ही गली-मोहल्लों से कूड़ा उठ रहा हैं। शहर में गंदगी ढेर लगने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। शहर की सफाई नहीं होने से नगरपालिका प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पालिका प्रशासन ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंनेे हड़ताल समाप्त नहीं की। उनकी मांग है कि जब तक कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे। अब पालिका प्रशासन इस बात को लेकर टेंशन में है कि शहर की सफाई कैसे कराई जाए। दूसरी तरफ शहर के व्यापारी सफाई नहीं होने पर पालिका प्रशासन को कोस रहे हैं।
बिना नोटिस हटाए कर्मचारी
नगरपालिका के तीन कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाए हटाए के कारण कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों को पहले इस संबंध में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। अकारण ही उन्हें निलंबित किया गया और फिर हटा दिया गया। उन्होंने बताया कि निजी कंपनी में भी किसी को हटाया जाता है तो उसे पहले नोटिस जारी किया जाता है, जबकि यह तो सरकारी नौकरी है। कहा कि जब तक सभी कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे। शहर में कहीं भी सफाई नहीं की जाएगी।
विज्ञापन

डीसी ने एसडीएम की सिफारिश पर जारी किए आदेश
एसडीएम विक्रम सिंह की सिफारिश पर जिला उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने एक अस्थाई सफाई कर्मचारी निरीक्षक को हटाने और था दूसरे स्थाई चालक को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। साथ ही पालिका को सुयोग्य कर्मचारी लगाने के आदेश भी दिए थे। नपा सचिव ने उपायुक्त के आदेश पर शुक्रवार को इन दोनों को हटा दिया। इससे भड़के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं।

पालिका को प्रतिदिन हो रहा एक लाख का नुकसान
नगरपालिका प्रशासन ने शहर को साफ रखने के लिए चार जोन बनाए हैं। इन चारों जोनों और बाजारों की सफाई करने के लिए 27 पक्के और 73 कर्मचारी कच्चे लगे हैं। इसके अलावा पांच टेंपो, चार ट्रैक्टर और पांच ऊंट गाड़ी लगाई हुई हैं। पालिका प्रशासन शहर की सफाई पर प्रतिदिन एक लाख रुपये खर्च करता है। इससे शहर का 10 टन कूड़ा उठाया जाता है। तीन दिन से कूड़ा नहीं उठने के कारण पालिका को प्रतिदिन एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

सबसे ज्यादा परेशान दुकानदार
शहर में तीन दिन से सफाई नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी दुकानदारों को हो रही हैं। दुकानों के सामने पड़ी गंदगी के कारण मच्छर पनपने लगे हैं और दुर्गंध आने लगी है। दुकानदारों का कहना है कि दुकान के सामने गंदगी होने के कारण दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है।

गंदगी से हम बड़े परेशान है। इस कारण मच्छर पनपने लगे हैं। यदि सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं तो सफाई का दूसरा ऑप्शन तलाशना चाहिए।
-विनीत


तीन से दिन विश्वकर्मा चौक पर सफाई नहीं हुई। कूड़े का ढेर लगा है। इसकी दुर्गंध से लोग परेशान रहते हैं। पालिका को सफाई कर्मचारियों की समस्या का समाधान करना चाहिए।
विज्ञापन

-महेश सैनी।


पालिका प्रशासन कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है। यदि वे नहीं माने तो जिला उपायुक्त राजनारायण कौशिक और शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिलकर इसका समाधान करवाया जाएगा।
-रीना बंटी नगरपालिका चेयरपर्सन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें