महेंद्रगढ़। मिकाडा ने गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए अटल भूजल योजना के तहत जिले में 400 स्थानों पर वाटर रिचार्ज बोरवेल लगाने की योजना बनाई है। 25 करोड़ रुपये से 300 बोरवेल लगाए जाएंगे। सरकार की ओर से इसकी मंजूरी भी मिल गई।
अटल भूजल योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य गिरते भूजल की समस्या को दूर कर भूजल स्तर को बढ़ाना है। इस योजना में जिले को भी शामिल किया गया है। जिले के घटते भूजल स्तर को रोकने के लिए मिकाडा द्वारा ग्राम पंचायतों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अधिकारी लगातार गांवों में किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के प्रति जागरूक कर रहे है। वहीं लगातार जिला के गिरते भूजल स्तर में सुधार लाने के लिए नई योजना तैयार कर रहे हैं।
मिकाडा की अटल भूजल योजना में शामिल पांच खंडों में 400 स्थानों पर वाटर रिचार्ज बनाने के प्रस्ताव भेजे गए थे। 300 बोरवेल की सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। विभाग की ओर से नहर के साथ लगते गांवों में बोरवेल लगाए जाएंगे। चार में वाटर रिचार्ज बोरवेल लगाए गए हैं, जिनमें गांव मांडोला, नांगलमाला, बुडीन व राजावास शामिल हैं। इन गांव में पिछले वर्ष बोरवेल लगाने का कार्य शुरू किया गया था। इस वर्ष बरसाती सीजन में 7 एलपीएस (करीब 4.5 करोड़ लीटर) पानी डाला गया है।
वर्ष 2020 में जिले में लगातार घट रहे भूजल स्तर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए डार्क जोन में शामिल किया गया था। वहीं वर्ष 2019 में सरकार द्वारा वाटर सेल का गठन किया गया था, जिसमें किसानों को ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन भी शर्तों के आधार पर दिए गए थे। वहीं अटल भूजल योजना के तहत जिले के नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़ व कनीना खंडों को डार्क जोन में शामिल किया गया है।
इंसेट
सतनाली क्षेत्र में 1500 फुट तक पानी नहीं
जिले में लगातार भूजल स्तर की स्थिति बिगड़ती जा रही है। सतनाली क्षेत्र में तो हालात ऐसे हैं कि एक-एक किसान खेती के लिए आठ से दस बार लाखों रुपये खर्च कर बोरवेल करा रहे हैं, लेकिन खेती का पानी तो दूर पेयजल भी नसीब नहीं हो पा रहा है। इस समय सतनाली क्षेत्र में 1200 से 1500 फीट तक गहराई में भी पानी नहीं है। ऐसे में किसान खेती करना तो दूर 20 सालों में पेयजल भी नसीब नहीं हो पाएगा। वहीं जिले के गांव सतनाली में भूजल स्तर 300 फीट, निहालावास में 367 फीट, कुलताजपुर में 318 फीट व खोड़मा में 31 फीट गहराई में भूजल स्तर पहुंच चुका है।
वर्जन
विभाग की ओर से 400 बोरवेल के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे। सरकार की ओर से 300 बोरवेल की मंजूरी मिल चुकी है। इनमें करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी करके जल्द ही बोरवेल लगाने को लेकर कार्य शुरू किया जाएगा।- बिजेंद्र यादव, एसडीओ, मिकाडा
फोटो संख्या:51-गांव राजावास में लगाए बोरवेल में छोड़ा जा रहा नहरी पानी --संवाद