नारनौल में शराब के ठेके पर लगी लाइन।
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सरकार के आदेश पर बुधवार को जिले में 58 शराब की दुकानों में से 30 खुलीं। शराब की दुकानों पर भीड़ न हो इसके लिए पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा दुकानों के आगे बैरिकेट लगाए गए हैं। जिससे लोग लाइन में लगकर शराब खरीद सकें। हालांकि सवा माह बाद खुले ठेके/दुकानों पर पहले दिन कुछ स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अभाव देेखने को मिला।
कोरोना वायरस के लॉकडाउन में बंद चल रही शराब की दुकानें बुधवार से खुल गईं। दूसरी ओर डीईटीसी एक्साइज अनिल कादियान और एईटीओ एक्साइज अजीत सिंह समेत अन्य ने महेंद्रगढ़, अटेली और कनीना क्षेत्रों का दौरा कर शराब की दुकानों की जांच की। टीम ने शराब के दुकानदारों से कहा कि लॉकडाउन में जारी हिदायतों को कड़ाई से लागू किया जाए। एईटीओ अजीत ने बताया कि दुकानों के सामने बैरिकेट लगवाया गया है। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंस को ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। सेल्समैन से कहा गया है कि मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। दूसरी ओर संबंधित थाना प्रभारी शराब की दुकानों पर नजर रखे थे। दूसरी ओर महेंद्रगढ़ में बुधवार सुबह सात बजे शराब के ठेके खुल गए थे लेकिन कई ठेकों पर तो शराब का स्टॉक नहीं था। थाना प्रभारी ने भी विभिन्न ठेकों का निरीक्षण किया। दो पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई। थाना प्रभारी नवलकिशोर शर्मा ने शराब के ठेकेदारों को ठेके के आगे बैरिकेडस लगाने के निर्देश भी दिए। थाना प्रभारी ने ठेकेदारों को सोशल डिस्टेंसिंग रखने और बिना मास्क लगाकर आने वाले ग्राहक को शराब न दें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हुई तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नारनौल शहर में कुछ शराब की दुकानें खुली हैं। हालांकि इन दुकानों पर भीड़ इकट्ठा नहीं हो पाई। वहीं महेंद्रगढ़ में शराब के शौकीन सुबह सात बजे ही आने शुरू हो गए थे। शराब की दुकानों आगे बैरिकेड नहीं था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पहले बैरिकेड लगाने के आदेश दिए। सुबह लगभग आठ बजे बाद शराब की बिक्री शुरू हो गई थी। पहले दिन भीड़ नहीं दिखाई दी। चार-पांच लोग एक साथ आकर ठेके से शराब लेकर जा रहे थे।